प्रोटीन शरीर के लिए सबसे आवश्यक पोषक तत्वों में से एक है। ये मानव शरीर का निर्माण खंड माना जाता है जो मांसपेशियों के निर्माण के साथ आपको वजन कम करने, मेटाबॉलिज्म में सुधार करने, बालों-नाखूनों के विकास को बढ़ावा देने में मदद करता है। हमारे शरीर को रोजाना संयमित मात्रा में प्रोटीन की जरूरत होती है, पर क्या आप जानते हैं कि प्रोटीन की शरीर में अधिकता नुकसानदायक भी हो सकती है।
Alert: अक्सर रहती है कब्ज की दिक्कत, किडनी विकारों के भी हैं लक्षण? प्रोटीन का अधिक सेवन तो नहीं कर रहे आप
प्रोटीन का अधिक सेवन है नुकसानदायक
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, प्रोटीन वाली चीजें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए आवश्यक है। आहार विशेषज्ञ कहते हैं, पुरुषों को 56 ग्राम और महिलाओं को कम से कम 46 ग्राम प्रोटीन का सेवन रोजाना करना चाहिए। इससे अधिक की मात्रा के कई प्रकार के साइड-इफेक्ट्स हो सकते हैं, जिसका शरीर की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव हो सकता है।
आइए जानते हैं कि किन लक्षणों की मदद से आप जान सकते हैं कि कहीं आप भी तो इस पोषक तत्व का अधिक सेवन नहीं कर रहे हैं?
कब्ज की हो सकती है समस्या
उच्च-प्रोटीन वाले आहार आमतौर पर फाइबर और कार्ब्स के सेवन को प्रतिबंधित कर देते हैं। इन पोषक तत्वों की कमी से कब्ज हो सकती है। अगर आप भी आहार के माध्यम से अधिक मात्रा में प्रोटीन ले रहे हैं और इस स्तर पर हाइड्रेशन का ध्यान नहीं रखते हैं तो इससे आपको कब्ज होने की दिक्कत बढ़ सकती है।
किडनी से जुड़ी समस्याएं
अधिक प्रोटीन का सेवन आपकी किडनी को भी नुकसान पहुंचाने लगता है। जब आप अधिक मात्रा में प्रोटीन का सेवन करते हैं, तो किडनी को इसे संसाधित करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। किडनी पर बढ़े दबाव के कारण बार-बार पेशाब आने, थकान, भूख कम लगने और पैरों और टखनों में सूजन की समस्या हो सकती है। किडनी की समस्या के कारण तरल पदार्थों के जमाव का जोखिम भी हो सकता है जिससे आपको पैरों में अधिक सूजन महसूस होती रह सकती है।
वजन बढ़ने की हो सकती है समस्या
वजन कम करने के लिए प्रोटीन का सेवन बढ़ाने की सलाह दी जाती है। हालांकि जब अधिक इसका अधिक मात्रा में सेवन करना शुरू कर देते हैं तो इससे तेजी से वजन बढ़ने का खतरा हो सकता है। अतिरिक्त प्रोटीन की मात्रा शरीर में वसा के रूप में जमा होने लग सकती है, जो कम समय में आपमें मोटापे के खतरे को बढ़ाने वाली समस्या हो सकती है। अगर आप वजन कम करने के लिए इस पोषक तत्व का सेवन कर रहे हैं तो इसकी मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।