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ध्यान दें: पीरियड्स में रखना चाहिए इन पांच बातों का खास ध्यान, नहीं तो हो सकता है वेजाइनल इंफेक्शन

Wed, 03 Nov 2021 04:09 PM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रकाश चंद जोशी Updated Wed, 03 Nov 2021 04:09 PM IST
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tips for periods Vaginal infection reasons and precautions
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay

डॉ. परवेश मलिक 


फिजिशियन, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एमडी (जनरल मेडिसिन)

Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik

पीरियड या मासिक धर्म महिलाओं में होने वाली एक प्राकृतिक प्रकिया है। महिलाओं को हर महीने इस प्रकिया से गुजरना पड़ता है। इस प्रक्रिया में शरीर से दूषित रक्त बाहर निकल जाता है। ब्लड की क्लॉटिंग को सोखने के लिए महिलाएं सैनेटरी नैपकिन या टैम्पोन का उपयोग करती हैं। लेकिन इन्हें उपयोग करते समय हाइजीन का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। अगर इन चीजों को सही तरह से उपयोग न किया जाए तो महिलाओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जैसे गुप्तांग में खुजली, लाल चकत्ते और सूजन, यहां तक की अगर ध्यान न दिया जाए तो ये परेशानी बहुत बढ़ जाती है। कभी कभी वेजाइनल इंफेक्शन भी हो जाता है। इन सभी परेशानियों से बचने के लिए सैनेटरी नैपकिन और टैम्पोन का उपयोग करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

हो सकती हैं ये परेशानियां

  • मासिक धर्म के दौरान निकलने वाला रक्त हमारे शरीर में मौजूद विभिन्न जीवों के संपर्क में आकर दूषित हो जाता है। जब हम सैनेटरी नैपकिन का उपयोग करते हैं तो वेजाइना में आने वाले पसीने की वजह से कीटाणुओं के सपंर्क में आ जाता है। साथ ही पीरियड्स के दौरान नमी मिलने की वजह से भी रैशेज, खुजली, वेजाइनल इंफेक्शन जैसी परेशानियां हो जाती हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pexels

हर 6 घंटे में बदलना चाहिए पैड

  • हर 6 घंटे में पैड को बदलते रहना चाहिए। हालांकि, टैम्पोन को हर दो घंटे में बदलना जरूरी होता है। लेकिन जिन महिलाओं को रक्त का बहाव ज्यादा होता है उन्हें पैड को बार-बार बदलना चाहिए। लेकिन जिन महिलाओं को रक्त का बहाव कम या सामान्य होता है उन्हें भी हर 6 घंटे में पैड को बदलते रहना चाहिए। जब रक्त का बहाव कम होता है तो पैड या टैम्पोन देखने में तो पूरी तरह साफ रहता है, फिर भी कीटाणुओं के संपर्क में आ जाता है। इसलिए पैड के साफ दिखने पर भी उसे समय पर बदलते रहना चाहिए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

टैम्पोन का प्रयोग करते समय बरतें सावधानी

  • टैम्पोन का उपयोग करते समय ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है, क्योंकि टैम्पोम ज्यादा समय तक अगर शरीर में रहा तो टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम या टीएसएस से परेशानी बढ़ सकती है। इससे बैक्टीरिया शरीर के अंदर प्रवेश कर जाते हैं, जिसके कारण गंभीर इंफेक्शन भी हो सकता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

एक साथ न करें दो पैड का इस्तेमाल

  • कभी-कभी महिलाओं को रक्त का बहाव अधिक होता है जिसके कारण कई बार महिलाएं एक साथ दो पैड या टैम्पोन का उपयोग करती है। लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। एक साथ दो पैड का उपयोग करने से असुविधा हो सकती है। इससे रैशेज और इंफेक्शन जैसी परेशानियां और भी बढ़ जाती हैं, और आपके मू़ड पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है। अगर आप पैड के साथ कपड़े का उपयोग करती हैं तो ध्यान रहे कपड़ा स्वच्छ होना चाहिए। टैम्पोन और पैड का इस्तेमाल एक साथ कभी नहीं करना चाहिए। इससे टीएसएस का खतरा बढ़ जाता है।
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