जब बात सेहत को ठीक रखने की आती है तो स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को अपने आहार पर खास ध्यान देते रहने की सलाह देते हैं। हमें रोजाना भोजन से विटामिन्स, मिनरल्स और फाइबर की जरूरत होती है। फाइबर को आमतौर पर पाचन को ठीक रखने से जोड़कर देखा जाता है, पर असलियत ये है कि ये इससे कहीं ज्यादा फायदे वाला पोषक तत्व है।
खान-पान: फल-सब्जियां खाते हैं फिर भी फाइबर की कमी? आखिर कहां हो रही है गलती
फल और सब्जियां फाइबर के अच्छे स्रोत हैं, लेकिन केवल इन्हें खाने से पर्याप्त फाइबर मिलना जरूरी नहीं। दालें, चना, राजमा, साबुत अनाज, फल और सब्जियों की पर्याप्त मात्रा जरूरी है। डॉक्टर 10 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए रोज कम से कम 25 ग्राम डाइटरी फाइबर लेने की सलाह देते हैं।
फाइबर की कमी की समस्या
फाइबर को स्वास्थ्य विशेषज्ञ कई सारे फायदों के लिए जानते हैं। यह पाचन तंत्र को ठीक रखने, मल को नरम करने और कब्ज से बचाने में मदद करता है।
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की गाइडलाइन के मुताबिक 10 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को रोज कम से कम 25 ग्राम प्राकृतिक डाइटरी फाइबर जरूर लेना चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, चिंता की बात ये है कि आज के समय में लोगों का खान-पान जिस तरीके का है, उसमें फाइबर की कमी होना आम है। अक्सर लोगों की प्लेट में हरी सब्जियां कम होती है, फल की जगह जूस लिया जाता है। दाल, चना, राजमा और बीन्स रोज के खाने का हिस्सा नहीं होते। वहीं साबुत अनाज की जगह मैदा और ज्यादा प्रोसेस्ड फूड का लोग ज्यादा सेवन कर रहे हैं। ये शरीर में फाइबर की कमी का कारण बन सकते हैं।
फल फाइबर का सबसे अच्छा स्रोत
फल फाइबर से भरपूर माने जाते हैं, लेकिन रोज सिर्फ एक फल खा लेने से आपकी फाइबर की जरूरत पूरी नहीं होती।
- आहार विशेषज्ञ सभी वयस्कों के लिए रोज करीब 400 ग्राम फल और सब्जियां खाने की सलाह देते हैं।
- फल के साथ पर्याप्त सब्जियां, दालें, चना, राजमा, बीन्स और साबुत अनाज भी डाइट में शामिल करें।
- यानी फाइबर के लिए पूरी थाली पर ध्यान देना जरूरी है, सिर्फ फलों से इसकी पूर्ति नहीं हो सकती ।
जूस की जगह साबुत फल ज्यादा अच्छा विकल्प
आहार में फाइबर बढ़ाना है तो फल को पूरा खाना जूस पीने से बेहतर विकल्प है। जूस बनाते समय फल का गूदा अलग हो जाता है, जिससे फाइबर कम हो जाता है। इसके अलावा फलों के जूस से शुगर की मात्रा भी बढ़ सकती है। पैक्ड जूस को कई अध्ययनों में सेहत के लिए नुकसानदायक बताया गया है। इसलिए साबुत फल खाना आपके लिए ज्यादा बेहतर विकल्प होता है।
दाल, चना और साबुत अनाज से मिलता है फाइबर
फाइबर सिर्फ फल और सब्जियों से नहीं मिलता। दाल, चना-राजमा, बीन्स, ओट्स और साबुत अनाज भी इसके अच्छे स्रोत हैं।
- अगर आपकी डाइट में सफेद ब्रेड, मैदा, नूडल्स और दूसरे रिफाइंड अनाज ज्यादा हैं और दाल-साबुत अनाज कम हैं, तो फाइबर की मात्रा कम हो सकती है। इसलिए रोज के खाने में दाल या कोई दूसरी फलीदार चीजों को जरूर शामिल करें।
पानी कम पीने की न करें गलती
फाइबर बढ़ाने के साथ पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। अगर अचानक डाइट में बहुत ज्यादा फाइबर वाली चीजें को शामिल कर लेंगे तो इससे कुछ लोगों को गैस, पेट फूलने या भारीपन की शिकायत हो सकती है। इसलिए फाइबर धीरे-धीरे बढ़ाएं साथ ही दिन में कम से कम 2-3 लीटर पानी जरूर पिएं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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