Ways to Reduce Bad Cholesterol: हाई कोलेस्ट्रॉल एक ऐसी समस्या है, जिसे 'साइलेंट किलर' भी कहा जाता है क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण आसानी से दिखाई नहीं देते। हमारी नसों (धमनियों) में जब बैड कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल की मात्रा बढ़ जाती है, तो यह एक मोम जैसे पदार्थ की तरह नसों की दीवारों पर चिपकने लगता है। इससे नसें संकरी और सख्त हो जाती हैं, जिससे खून के बहाव में रुकावट आती है और हार्ट अटैक व स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
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Health Tips: नसों में जमे बैड कोलेस्ट्रॉल को पिघला सकती हैं आपकी ये आदतें, आज से ही दिनचर्या में करें बदलाव
Thu, 25 Sep 2025 06:19 AM IST
शिखर बरनवाल
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिखर बरनवाल
Updated Thu, 25 Sep 2025 06:19 AM IST
सार
- शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे नियंत्रित करने के लिए डॉक्टर से इलाज कराना जरूरी है।
- इसके साथ ही अपनी दिनचर्या में कुछ बदलाव करके भी बैड कोलेस्ट्रॉल को कम किया जा सकता है, जिसके बारे में आपको जानना चाहिए।
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कोलेस्ट्रॉल
- फोटो : Adobe Stock
कोलेस्ट्रॉल
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घुलनशील फाइबर को डाइट में शामिल करें
अपनी डाइट में घुलनशील फाइबर से भरपूर चीजों को शामिल करना कोलेस्ट्रॉल कम करने का सबसे असरदार तरीका है। यह फाइबर पानी में घुलकर एक जेल जैसा पदार्थ बनाता है, जो पाचन तंत्र में कोलेस्ट्रॉल को बांधकर शरीर से बाहर निकाल देता है। इसके लिए अपनी डाइट में जई, दलिया, सेब, बीन्स, दालें और खट्टे फलों को शामिल करें। दिन की शुरुआत एक कटोरी ओट्स से करना आपके दिल के स्वास्थ्य के लिए बेहतरीन हो सकता है।
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नियमित व्यायाम करें
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नियमित व्यायाम है 'रामबाण' इलाज
एक गतिहीन जीवनशैली बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाती है। नियमित व्यायाम न सिर्फ आपका वजन नियंत्रित रखता है, बल्कि यह गुड कोलेस्ट्रॉल यानी एचडीएल को बढ़ाने में भी मदद करता है। गुड कोलेस्ट्रॉल नसों में जमे बैड कोलेस्ट्रॉल को वापस लिवर तक ले जाता है, जहां से वह शरीर से बाहर निकल जाता है। हफ्ते में कम से कम 5 दिन, 30 से 45 मिनट तक तेज चलने, जॉगिंग या साइकिलिंग जैसी कोई भी एक्सरसाइज जरूर करें।
ये भी पढ़ें- Protein Deficiency: शरीर में प्रोटीन की कमी होने पर दिखते हैं ये लक्षण, कहीं आपको भी तो नहीं है?
एक गतिहीन जीवनशैली बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाती है। नियमित व्यायाम न सिर्फ आपका वजन नियंत्रित रखता है, बल्कि यह गुड कोलेस्ट्रॉल यानी एचडीएल को बढ़ाने में भी मदद करता है। गुड कोलेस्ट्रॉल नसों में जमे बैड कोलेस्ट्रॉल को वापस लिवर तक ले जाता है, जहां से वह शरीर से बाहर निकल जाता है। हफ्ते में कम से कम 5 दिन, 30 से 45 मिनट तक तेज चलने, जॉगिंग या साइकिलिंग जैसी कोई भी एक्सरसाइज जरूर करें।
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सैचुरेटेड फैट से परहेज करें
- फोटो : Adobe Stock
सैचुरेटेड फैट से परहेज करें
अपने भोजन से ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट को हटा दें, जो अक्सर तले हुए खाने, जंक फूड और पैकेट वाले स्नैक्स में पाए जाते हैं। इसके बजाय हेल्दी फैट्स को चुनें, जैसे कि बादाम, अखरोट, अलसी के बीज और जैतून का तेल आदि। इसके अलावा, धूम्रपान और शराब का सेवन सीधे तौर पर आपके कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बिगाड़ता है।
अपने भोजन से ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट को हटा दें, जो अक्सर तले हुए खाने, जंक फूड और पैकेट वाले स्नैक्स में पाए जाते हैं। इसके बजाय हेल्दी फैट्स को चुनें, जैसे कि बादाम, अखरोट, अलसी के बीज और जैतून का तेल आदि। इसके अलावा, धूम्रपान और शराब का सेवन सीधे तौर पर आपके कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बिगाड़ता है।
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नींद नहीं आना
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तनाव प्रबंधन और पर्याप्त नींद है जरूरी
लगातार बना रहने वाला तनाव भी अप्रत्यक्ष रूप से कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकता है, क्योंकि यह हमारी खाने-पीने की आदतों को प्रभावित करता है। तनाव को कम करने के लिए योग या ध्यान करें। इसके साथ ही रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद लेना भी बहुत जरूरी है। अच्छी नींद शरीर को खुद को सुधारने और मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखने में मदद करती है, जिससे कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में आसानी होती है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
लगातार बना रहने वाला तनाव भी अप्रत्यक्ष रूप से कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकता है, क्योंकि यह हमारी खाने-पीने की आदतों को प्रभावित करता है। तनाव को कम करने के लिए योग या ध्यान करें। इसके साथ ही रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद लेना भी बहुत जरूरी है। अच्छी नींद शरीर को खुद को सुधारने और मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखने में मदद करती है, जिससे कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में आसानी होती है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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