Protein Deficiency Symptoms: प्रोटीन हमारे शरीर के लिए सबसे जरूरी मैक्रोन्यूट्रिएंट में से एक है। इसे अक्सर 'बॉडी का बिल्डिंग ब्लॉक' भी कहा जाता है। यह मांसपेशियों, त्वचा, बाल और हड्डियों को स्वस्थ रखने के साथ-साथ हार्मोन और एंजाइम के उत्पादन के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लेकिन चिंता की बात यह है कि भारत में प्रोटीन की कमी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और असंतुलित खान-पान के कारण बहुत से लोगों में प्रोटीन की कमी देखी जा रही है, जिसके लक्षण अक्सर सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं।
Protein Deficiency: शरीर में प्रोटीन की कमी होने पर दिखते हैं ये लक्षण, कहीं आपको भी तो नहीं है?
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन के अनुसार 73% शहरी भारतीय लोगों को प्रोटीन की कमी है और हैरानी की बात यह है कि उनमें से 93% लोगों को यह मालूम ही नहीं है कि उनमें प्रोटीन की कमी है। इसलिए आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं प्रोटीन की कमी होने पर शरीर में क्या लक्षण दिखते हैं?
Please wait...
त्वचा, बाल और नाखूनों पर असर
जब शरीर में प्रोटीन की कमी होती है, तो इसका सबसे पहला असर त्वचा, बालों और नाखूनों पर दिखाई देता है। बाल पतले होकर झड़ने लगते हैं, त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है और नाखूनों पर धारियां पड़ सकती हैं या वे कमजोर होकर टूटने लगते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर प्रोटीन को जरूरी अंगों तक पहुंचाने के लिए इन जगहों से उसकी आपूर्ति कम कर देता है।
ये भी पढ़ें- Long Covid Effects: मासिक धर्म में अनियमितता ने कर दिया है परेशान? ये लॉन्ग कोविड का असर तो नहीं
मांसपेशियों का घटना और जोड़ों में दर्द
प्रोटीन की कमी का सीधा असर मांसपेशियों पर पड़ता है। शरीर ऊर्जा के लिए मांसपेशियों के ऊतकों को तोड़ने लगता है, जिससे मसल मास कम हो जाता है। इससे शरीर में कमजोरी महसूस होती है और जोड़ों में दर्द की समस्या भी शुरू हो सकती है। बिना किसी खास शारीरिक गतिविधि के भी मांसपेशियों में दर्द रहना एक बड़ा लक्षण है।
ये भी पढ़ें- Microplastic: फेफड़े-मस्तिष्क और हड्डियां सब खतरे में, माइक्रोप्लास्टिक बनता जा रहा 'सेहत का दुश्मन'
गंभीर प्रोटीन की कमी होने पर शरीर में, खासकर पेट, पैरों और हाथों में सूजन आ सकती है, जिसे एडिमा कहते हैं। यह रक्त में एल्ब्यूमिन नामक प्रोटीन की कमी के कारण होता है, जो रक्त वाहिकाओं में तरल पदार्थ को बनाए रखने का काम करता है। इसकी कमी से तरल पदार्थ ऊतकों में जमा होने लगता है, जिससे सूजन आ जाती है।
हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने वाली एंटीबॉडीज प्रोटीन से ही बनती हैं। शरीर में प्रोटीन की कमी होने पर इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है, जिससे व्यक्ति बार-बार संक्रमण और बीमारियों का शिकार होता है। अगर आपको अक्सर सर्दी-जुकाम या अन्य संक्रमण होते हैं, तो यह प्रोटीन की कमी का संकेत हो सकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।