इंसान सदियों से मसालों का इस्तेमाल करता आया है। हल्दी और मिर्च के बिना तो भारत में किसी पकवान की कल्पना भी नहीं की जा सकती। बहुत से मसाले तो एशिया से ही सारी दुनिया को नसीब हुए हैं। मसाले न सिर्फ खाने को स्वादिष्ट बनाते हैं बल्कि हमारी सेहत के लिए भी मुफीद बताए जाते हैं। इस दावे को लेकर हर तरह के मसालों पर रिसर्च भी खूब हुई है।
क्या 'इम्यूनिटी' बढ़ाने वाले मसाले हमारे लिए दवाओं का विकल्प हो सकते हैं?
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बताया जाता है कि 2016 में अमरीका के राष्ट्रपति चुनाव में प्रचार के दौरान हिलरी क्लिंटन खुद को बीमारियों से बचाने के लिए हर रोज एक लाल मिर्च खाती थीं। हल्दी, जो एशिया में सदियों से इस्तेमाल हो रही है, अब सुपरफूड की श्रेणी में आ गई है। दुनिया भर के कॉफी शॉप में 'गोल्डन लाते' के नाम से हल्दी वाली कॉफी परोसी जाने लगी है।
मसालों का असल में कितना फायदा?
इन दिनों तो हल्दी के गुणों को लेकर ये मैसेज खूब वायरल भी हो रहा है कि हल्दी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का सबसे अच्छा माध्यम है। क्या सच में मसाले हमारे खाने को स्वादिष्ट बनाने के साथ-साथ हमें बीमारियों से भी बचाते हैं? या कोई मसाला हमें नुकसान भी पहुंचा सकता है?
मसालों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होनी वाली चीज है -लाल मिर्च। बहुत सी रिसर्च में मिर्च से सेहत को होने वाले फायदों पर भी चर्चा हुई है। लेकिन इसके फायदे और नुकसान दोनों हैं। लाल मिर्च में सबसे अहम तत्व है- कैपसाइसिन। जब हम मिर्च खाते हैं तो कैपसाइसिन शरीर में तापमान का तालमाल बैठाने वाली कोशिकाओं के संपर्क में आता है और दिमाग को गर्मी महसूस करने का सिग्नल देता है। कुछ रिसर्च का ये भी दावा है कि कैपसाइसिन इंसान को लंबे समय तक जीवित रखने में सहायक है।
लाल मिर्च के फायदे
2019 में इटली में हुई रिसर्च के मुताबिक, जो लोग हफ्ते में चार दिन, लाल मिर्च में बना खाना खाते हैं, उनकी समय से पहले मौत का खतरा कम होता है। इसी तरह की एक और रिसर्च 2015 में चीन में की गई थी। यहां ये रिसर्च लाल मिर्च का सेवन करने वाले करीब पांच लाख सेहतमंद लोगों पर की गई थी।