कम उम्र में हार्ट अटैक के कारण होने वाली मौतों के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। मंगलवार को राजनीति और मनोरंजन जगत से जुड़ी सोनाली फोगट का हार्ट अटैक के कारण निधन हो गया। 41 वर्षीय सोनाली बिग बॉस 14 के शो में भी नजर आ चुकी थीं। हाल के वर्षों में कम उम्र में बिगबॉस के ही कंटेस्टेंट रहे सिद्धार्थ शुक्ला, मशहूर गायक केके और कन्नड़ फिल्मों के स्टार पुनीत कुमार का भी हार्ट अटैक के कारण निधन हो चुका है।
Sonali Phogat Death: कम उम्र की महिलाओं में बढ़ता हार्ट अटैक का खतरा, जानिए इसके कारण और बचाव के तरीके
कम उम्र की महिलाओं में हार्ट अटैक का जोखिम
जॉन हॉप्किंस मेडिसिन की एक रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों में आश्चर्यजनक रूप से परिवर्तन देखा जा रहा है। इसमें वृद्ध लोगों की तुलना में 35-54 की आयु वाले लोगों में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़े हुए देखे जा रहे हैं। जॉन्स हॉपकिन्स कम्युनिटी फिजिशियन-हार्ट केयर में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ वर्जीनिया कॉलिवर कहते हैं, "इस अवलोकन संबंधी अध्ययन में देखा गया है कि युवा महिलाओं में हार्ट अटैक का जोखिम और भी अधिक हो सकता है। इसके लिए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने कुछ जोखिम कारकों को रेखांकित किया है।
महिलाओं में हार्ट अटैक के क्या लक्षण होते हैं?
वैसे तो पुरुषों और महिलाओं दोनों में सीने में दर्द या बेचैनी को हार्ट अटैक का प्रमुख संकेत माना जाता रहा है हालांकि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में इसके कुछ लक्षण अलग प्रकार के भी हो सकते हैं जिसपर ध्यान देते रहना आवश्यक हो जाता है।
- शरीर के ऊपरी हिस्सों (पीठ, गर्दन, जबड़े, हाथ या पेट) में दर्द या बेचैनी
- सांस लेने में कठिनाई या चक्कर आना।
- अधिक पसीना आना।
- थकान, मतली और उल्टी
महिलाओं में हार्ट अटैक के कारणों के बारे में जानिए
जॉन हॉप्किंस की रिपोर्ट बताती है कि जो महिलाएं बर्थ कंट्रोल पिल्स का सेवन अधिक करती हैं, उनमें दिल या पैरों में रक्त का थक्का बनने का खतरा अधिक पाया गया है, जो हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों के जोखिम को भी बढ़ा देती है। इसलिए, यदि आपको उच्च रक्तचाप या थक्के की समस्या है तो इस तरह की गोलियों से बचाव जरूरी हो जाता है।
इसके अलावा हाई कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान और सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के कारण भी महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा अधिक हो सकता है। मधुमेह, मोटापा, हृदय रोग का पारिवारिक इतिहास और आहार की गड़बड़ी भी इस जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
हृदय रोग और हार्ट अटैक से बचाव के लिए क्या करें?
हृदय रोगों के कुछ जोखिम कारक आपके नियंत्रण से बाहर होते हैं, हालांकि कई चीजों पर ध्यान देकर हृदय स्वास्थ्य को बेहतर रखने का प्रयास किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जीवनशैली में स्वस्थ बदलाव के माध्यम से दिल के दौरे और स्ट्रोक के जोखिम को 80 फीसदी तक कम किया जा सकता है। विशेषज्ञ सभी लोगों को नियमित व्यायाम के साथ धूम्रपान-शराब से दूरी बनाने और तनाव की स्थिति को कंट्रोल करने की सलाह देते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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