जीवनशैली की गड़बड़ी और भोजन में पौष्टिकता की कमी के कारण पिछले एक-दो दशकों में हार्ट अटैक के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है। कुछ एक दशक पहले तक माना जाता था कि हार्ट अटैक, उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या है, हालांकि हाल में वर्षों में काफी कम उम्र के लोग भी इस समस्या के शिकार हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाने और धमनियों के संकुचित होने के कारण हृदय में रक्त का संचार और ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो जाती है, यह स्थिति हार्ट अटैक का कारण बन सकती है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक सीने में दर्द को हार्ट अटैक का सबसे सामान्य लक्षण माना जाता है।
सावधान: शरीर में ऐसे लक्षण हो सकते हैं 'स्मॉल हार्ट अटैक' के संकेत, समय पर पहचान करना बहुत जरूरी
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नॉन-एसटी एलिवेशन मायोकार्डियल इंफार्क्शन (स्मॉल हार्ट अटैक)
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक नॉन-एसटी एलिवेशन मायोकार्डियल इंफार्क्शन को स्मॉल हार्ट अटैक के रूप में देखा जाता है। इसे एनएसटीईएमआई के रूप में भी जाना जाता है। सामान्य हार्ट अटैक की तुलना में एनएसटीईएमआई में हृदय को कम क्षति होती है, हालांकि इससे अलर्ट होकर गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है। धूम्रपान करने वाले, शारीरिक निष्क्रियता, उच्च रक्तचाप या उच्च कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह और अधिक वजन वाले लोगों को स्मॉल हार्ट अटैक का खतरा अधिक होता है। अगर समय रहते इसके लक्षणों को पहचान लिया जाए तो इसके जोखिम से बचाव किया जा सकता है।
यदि आपको बार-बार सांस लेने में तकलीफ के साथ सीने में दर्द की समस्या है तो यह स्थिति पल्मोनरी एडिमा की ओर संकेत करती है। यह एक ऐसी स्थिति जिसमें दिल के दौरे पड़ने के कारण कार्डियक टिश्यू क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और फेफड़ों में तरल पदार्थ भरने लगता है। अस्थमा के रोगी अक्सर इसे श्वसन संबंधी लक्षण मानकर भ्रमित हो जाते हैं, समय पर इस समस्या का निदान करना बहुत आवश्यक होता है।
हृदय को होने वाली किसी भी तरह की क्षति की स्थिति में मस्तिष्क जैसे अन्य महत्वपूर्ण अंगों में रक्त का संचार प्रभावित हो सकता है। इसके परिणामस्वरूप चक्कर आने या थकान की समस्या हो सकती है। कुछ लोगों को अक्सर मितली आने की भी दिक्कत हो सकती है। ऐसे लक्षण अगर लगातार बने रहते हैं तो इस बारे में डॉक्टर से जरूर सलाह लें।
गर्दन और जबड़े में दर्द
हाथ या जबड़े के निचले बाएं हिस्से में दर्द की लगातार बनी रहने वाली समस्या को स्मॉल हार्ट अटैक का संकेत माना जा सकता है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में इसका खतरा अधिक होता है। कुछ लोगों में दर्द की यह समस्या गर्दन में भी लगातार बनी रह सकती है। लगातार बनी रहने वाली इन दिक्कतों को हल्के में न लें, इस बारे में किसी डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
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स्रोत और संदर्भ
NSTEMI: What You Need to Know
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।