Medically reviewed by Dr. Rajat Salunke
डॉ रजत सालुंके, आयुर्वेदाचार्य
अष्टविनायक क्लीनिक, भोपाल
डिग्री- बी.ए.एम.एस
अनुभव- 13 वर्ष
कोरोना से खुद की रक्षा करने के लिए कई लोग हल्दी का नियमित रूप से सेवन करने लगे हैं। रोग-प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए कई लोगों ने हल्दी के सेवन की मात्रा को भी बढ़ा दिया है लेकिन किसी भी चीज की अति अच्छी नहीं होती है। ऐसे ही हल्दी का ज्यादा सेवन करने के भी अपने नुकसान हैं। गर्मियों में हल्दी के नुकसान बढ़ जाते हैं क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है इसलिए एक तय मात्रा में ही इसका सेवन किया जाना चाहिए। अगली स्लाइड्स से जानिए हल्दी का अधिक सेवन करने से शरीर को क्या नुकसान पहुंच सकते हैं।
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मासिकधर्म के दौरान भी अधिक रक्तस्राव हो
- फोटो : Pixabay
खून हो जाता है पतला
हल्दी के अधिक सेवन से खून पतला होने लगता है। यदि नियमित रूप से आप इसका सेवन कर रहे हैं तो बिल्कुल संभावना है कि आपके शरीर में ब्लड क्लॉट बनने की प्रक्रिया बहुत धीमी हो जाए। जरा-सा कटने या छिलने पर आपको बहुत मात्रा में खून निकलने लगे। मासिकधर्म के दौरान भी अधिक रक्तस्राव हो। हल्दी में एक पोषक तत्व पाया जाता है जिसे कि करक्युमिन कहा जाता है। यह खून को बहुत हद तक पतला करता है।
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हल्दी का सेवन बंद कर दें
- फोटो : उल्टी
उल्टी होना
हल्दी के सेवन से जी-मचलना या उल्टी होने जैसी समस्याएं भी हो सकती है। कुछ लोगों को हल्दी की गर्म तासीर बर्दाश्त नहीं होती है और उन्हें दस्त की समस्या भी हो जाती है। इन समस्याओं के लिए भी हल्दी में मौजूद करक्युमिन ही जिम्मेदार होता है। ऐसी स्थिति में दो-तीन दिन के लिए हल्दी का सेवन बंद कर दें और रोजाना भी इसकी मात्रा को थोड़ा कम कर दें।
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इसकी मात्रा को कम कर दें
- फोटो : सोशल मीडिया
पेट में जलन
हल्दी की तासीर गर्म होती है इसलिए सर्दियों में इसके सेवन की सलाह अधिक दी जाती है लेकिन गर्मियों में बहुत जरूरी है कि आप खुद से ही इसकी मात्रा को कम कर दें क्योंकि इससे बहुत जल्दी पेट में गर्मी हो जाती है। पेट में गर्मी होने से जलन होने लगती है, इसके साथ ही गैस्ट्रिक समस्याएं भी हो सकती हैं। पेट में सूजन और ऐंठन की समस्याएं भी हल्दी की मात्रा बढ़ने से हो सकती हैं इसलिए सोच- समझकर ही इसका सेवन करें।
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हल्दी में ऑक्सलेट नामक तत्व मौजूद होता है
- फोटो : iStock
पथरी का होना
हल्दी का ज्यादा सेवन करने से पथरी भी हो सकती है। हल्दी में ऑक्सलेट नामक तत्व मौजूद होता है जो कि शरीर में कैल्शियम को ठीक से घुलने नहीं देता है। कैल्शियम के ठीक से न घुल पाने पर पथरी होने की संभावनाएं बनती हैं इसलिए हल्दी का सेवन एक तय मात्रा में ही करें और हो सके तो दूध के साथ इसका सेवन करें। दूध के साथ हल्दी लेने से इससे नुकसान होने की संभावनाएं कम हो जाती हैं।
नोट- यह लेख अष्टविनायक क्लीनिक के डॉक्टर रजत सालुंके से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर रजत सालुंके पिछले 13 सालों से प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने अपनी डिग्री करमवीर वैंकटराव तानाजी रणधीर आयुर्वेद कॉलेज, महाराष्ट्र से ली है।
अस्वीकरण- अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।