एक नया शोध बताता है कि जो लोग शिफ्ट में काम करते हैं उन्हें स्ट्रोक या हार्ट अटैक होने का खतरा रहता है।
महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में शिफ्ट में काम करना ज्यादा खतरनाक
टेक्सास हेल्थ साइंस सेंटर के डेविड अर्नेस्ट के मुताबिक एक व्यक्ति की रोजाना एक दिनचर्या होती है जिसमें उसका शरीर ढल जाता है। लेकिन उसमें अगर जरा सा भी बदलाव हो तो इसका खामियाजा शरीर को भुगतना पड़ता है।
महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में शिफ्ट में काम करना ज्यादा खतरनाक
लंबे समय तक काम करना या फिर किसी भी समय काम करना समस्या नही है। परेशानी होती है सोने-जागने और खाने पीने के समय में हर बार अंतर आने से जिससे बॉडी क्लॉक बिगड़ जाती है।
महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में शिफ्ट में काम करना ज्यादा खतरनाक
अर्नेस्ट और उनकी टीम के किए शोध ने बताया कि बॉडी क्लॉक में इस तरह के अंतर ही स्ट्रोक का कारण बनेगा। एक जानवर पर किए शोध के आधार पर ये पाया गया कि बहुत ज्यादा शिफ्ट में काम करने से दिमाग में डेमेज होने लगता है।
महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में शिफ्ट में काम करना ज्यादा खतरनाक
उसके साथ ही शरीर में सनसनी पैदा होना बंद हो जाती है। जिसकी वजह से शरीर को नियंत्रित करने वाली 24 घंटे की साइकिल प्रभावित होती है। शोध ये भी बताता है कि महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में इसका खतरा दोगुना होता है।