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राहत की खबर : बच्चों में कोरोना संक्रमण का खतरा कम, अध्ययन में सामने आईं बड़ी बातें

Sat, 07 Aug 2021 12:13 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Sat, 07 Aug 2021 12:13 PM IST
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severe and long covid chances in children very low, Lancet study claims
बच्चों में कोरोना का खतरा (सांकेतिक तस्पीर) - फोटो : i stock

दुनिया के कई देशों में कोरोना संक्रमण के दोबारा से बढ़ते मामले और तीसरी लहर को लेकर आशंका, लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। कई अध्ययनों में दावा किया जा रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक हो सकती है, इसका मुख्य कारण उन्हें अब तक वैक्सीन न मिल पाना है। इन सभी डर और आशंकाओं के बीच एक अध्ययन में बच्चों को लेकर राहत भरे दावे किए गए हैं। द लैंसेट चाइल्ड एंड अडोलेसेंट हेल्थ जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार बच्चों पर कोरोना संक्रमण का ज्यादा असर नहीं हो रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि बच्चे संक्रमित भी हो जाते हैं तो ज्यादातर में छह दिनों के भीतर ही लक्षण कम हो जा रहे हैं।


कोरोना की संभावित तीसरी लहर में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर परेशान माता-पिता के लिए यह अध्ययन काफी सुकून देने वाला है। अध्ययन के निष्कर्ष में वैज्ञानिकों का कहना है कि सुरक्षात्मक उपायों को प्रयोग में लाकर बच्चों को कोरोना से सुरक्षित किया जा सकता है, वहीं जो बच्चे संक्रमण की चपेट में आ भी जा रहे हैं, उनको लेकर ज्यादा चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, ऐसे मामले बेहद कम देखे गए हैं जिनमें बच्चों में संक्रमण चार सप्ताह के बाद भी बना रहता है। आइए आगे की स्लाइडों में इस अध्ययन के बारे में विस्तार से जानते हैं।

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बच्चों में कोरोना का खतरा कम (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

बच्चों में कोरोना के असर को जानने के लिए अध्ययन
माता-पिता और बच्चों की देखभाल करने वालों द्वारा स्मार्टफोन ऐप के माध्यम से साझा किए गए आंकड़ों के आधार पर यह अध्ययन किया गया है। इसमें 5 से 17 साल के ढाई लाख से अधिक बच्चों के आंकड़ों का अध्ययन किया गया है। इस अध्ययन को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, महामारी की तीसरी लहर में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर जताई जा रही चिंता के बीच यह अध्ययन अनेकों माता-पिता को सुकून देने वाली है। बच्चों में कोरोना का संक्रमण बहुत ज्यादा प्रभावित करता हुआ नहीं देखा गया है।

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बच्चों में कोरोना के गंभीर संक्रमण की आशंका कम (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : istock

बच्चों में कोरोना के गंभीर संक्रमण का खतरा बेहद कम
सितंबर 2020 से फरवरी 2021 के बीच एकत्र की गई रिपोर्ट में 1,734 बच्चों को कोरोना से संक्रमित पाया गया। अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने बच्चों में संक्रमण की अवधि और उसकी गंभीरता के बारे में जानने की कोशिश की। शोधकर्ताओं ने पाया कि ज्यादातर बच्चों में कोरोना के लक्षण 5-7 दिनों में ठीक हो जा रहे हैं। इसके अलावा बच्चों में कोरोना के गंभीर लक्षण भी बहुत ही कम देखने को मिले। ज्यादातर बच्चों में कोरोना के एसिम्टोमैटिक लक्षणों का निदान किया गया। वहीं लक्षण वाले बच्चों में ज्यादार को सिरदर्द, थकान, गले में खराश, बुखार के साथ गंध और स्वाद न आने की दिक्कतें महसूस हो रही थीं। 

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बच्चों में कोरोना के लक्षण नहीं होते हैं गंभीर - फोटो : iStock

बच्चों में लॉन्ग कोविड का खतरा कम
किंग्स कॉलेज लंदन में शोधकर्ता और अध्ययन के प्रमुख लेखकों में से एक डॉ एरिका मोल्टेनी कहती हैं, आंकड़ों के अध्ययन के दौरान हमने पाया कि 5 से 11 वर्ष की आयु वाले बच्चों की तुलना में 12 से 17 वर्ष के आयु वर्ग के बड़े बच्चों में बीमारी के लक्षण थोड़े अधिक हो सकते हैं, हालांकि लक्षणों के गंभीर होने की आशंका फिर भी कम ही है। इसके अलावा चूंकि बच्चों में कोरोना का संक्रमण के कारण मस्तिष्क या फेफड़ों से संबंधित दिक्कतें नहीं देखी गई हैं, ऐसे में कहा जा सकता है कि बच्चों में लॉन्ग कोविड विकसित होने का खतरा भी बेहद कम होता है।

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कोरोना संक्रमण से बच्चों को रखें सुरक्षित (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock

कोरोना से रखें बच्चों को सुरक्षित
किंग्स कॉलेज लंदन में वरिष्ठ सलाहकार और अध्ययन के लेखक माइकल एब्सौड कहते हैं, अध्ययन का निष्कर्ष राहत देने वाला है, हालांकि इस आधार पर बच्चों को सुरक्षा दायरे से बाहर नहीं जाने देना होगा। कई हिस्सों में कोविड के प्रसार को कम करने के लिए लगाए गए लॉकडाउन में छूट दी गई है, ऐसे में बीमारी की व्यापकता बढ़ने की संभावना है। कोरोना की तीसरी लहर कितनी प्रभावी होगी इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है, ऐसे में बच्चों को सुरक्षित रखना आवश्यक है। सरकारों को जल्द से जल्द बच्चों के लिए वैक्सीन की व्यवस्था करनी चाहिए जिससे इन्हें भी कोरोना से सुरक्षित किया जा सके। 


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स्रोत और संदर्भ: 
Illness duration and symptom profile in symptomatic UK school-aged children tested for SARS-CoV-2

अस्वीकरण नोट: यह लेख द लैंसेट चाइल्ड एंड अडोलेसेंट हेल्थ जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। संबंधित विषय के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से सलाह लें। 

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