नींद न आने की समस्या किसी भी उम्र में और कई कारणों से हो सकती है। हालांकि अगर ये दिक्कत लंबे समय तक बनी रहती है तो इसे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत माना जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, नींद से जुड़ी कठिनाइयां दुनियाभर में लाखों लोगों को प्रभावित करती हैं। कुछ स्थितियों में इसको गंभीर बीमारियों का संकेत भी माना जाता है जिसको लेकर आपको विशेष सावधानी बरतने की जरूरी हो जाती है।
Sleep Disorders: रात में नींद न आना किसी गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं? जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
नींद विकारों की समस्या
इंडियन जर्नल ऑफ फार्मेसी प्रैक्टिस में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चला है कि केरल के तीन जिलों, एर्नाकुलम, इडुक्की और कोट्टायम के बच्चों में नींद की गुणवत्ता की काफी कमी देखी गई है। ज्यादातर बच्चों में समस्या का पता लगाने के दौरान पाया गया कि वह तनावपूर्ण जीवन की घटनाओं और चिकित्सा समस्याओं के शिकार थे। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों-वयस्कों में नींद न आने की समस्या के कारण शारीरिक-मानसिक दोनों प्रकार की सेहत पर गंभीर असर हो सकता है।
आइए जानते हैं कि किन स्वास्थ्य समस्याओं के कारण नींद प्रभावित हो सकती है?
स्ट्रेस और डिप्रेशन
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं नींद न आने और अनिद्रा का एक बड़ा कारण हैं। कई रिपोर्टों से पता चलता है कि बच्चों-वयस्कों की जीवनशैली, दिनचर्या, शारीरिक गतिविधियों में कमी और उनके आस-पास के नकारात्मक वातावरण के कारण अवसाद और चिंता के मामले बढ़ सकते हैं। मानसिक स्वास्थ्य की इन समस्याओं के कारण नींद न आने की दिक्कत सबसे प्रमुख रूप से देखी जाती है। स्ट्रेस और डिप्रेशन जैसी समस्याओं का समय पर उपचार बहुत आवश्यक है।
पाचन विकारों की समस्या
अध्ययन के अनुसार, पेट और पाचन संबंधी समस्याओं का सामना करने वाले लोगों को स्वस्थ लोगों की तुलना में कम नींद का अनुभव हो सकता है। पाचन विकार शारीरिक और मानसिक असहजता को बढ़ाने वाली मानी जाती हैं, जिससे रात में सोना कठिन हो सकता है। इतना ही नहीं आपकी नींद जितनी ज्यादा प्रभावित रहती है, पाचन स्वास्थ्य की दिक्कतों के बढ़ने का खतरा भी उतना ही अधिक हो सकता है, इसलिए नींद की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
न्यूरोलॉजिकल विकार
न्यूरोलॉजिकल स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम काफी कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है, ये आपमें नींद से संबंधित समस्याओं का भी कारण बन सकती हैं। स्लीप एपनिया, ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया, अनिद्रा और पैरासोमनिया जैसी न्यूरोलॉजिकल स्थितियां नींद की गुणवत्ता में बाधा डाल सकती हैं और इसके लक्षणों को बढ़ा सकती हैं। न्यूरोलॉजिकल विकारों के कारण क्वालिटी ऑफ लाइफ पर भी असर होता है इसलिए समय रहते इसका उपचार जरूरी हो जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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