दिल की बीमारियों का खतरा दुनियाभर में तेजी से बढ़ते हुए देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से लोगों का खान-पान गड़बड़ होता जा रहा है, शारीरिक मेहनत कम हो गई है, इन स्थितियों ने दिल की बीमारियों का जोखिम काफी बढ़ा दिया है। हम जो कुछ भी खाते-पीते हैं उसका भी हमारे दिल पर असर होता है। यही कारण है कि विशेषज्ञ सभी लोगों को खाने-पीने वाली चीजों का सावधानी से चयन करने की सलाह देते हैं।
Heart Disease: दिल की बीमारियों के बढ़ते मामलों को लेकर बड़ा खुलासा, शहरी आबादी में ये आदत पाई गई खतरनाक
शोधकर्ताओं का मानना है कि कुछ प्रिजरवेटिव्ज शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ा सकते हैं और मेटाबॉलिज्म प्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे लंबे समय में हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
प्रिजरवेटिव्ज से दिल को खतरा
शोधकर्ताओं ने यह विश्लेषण किया कि प्रतिभागी किन खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं और उनमें कौन-कौन से प्रिजरवेटिव्ज मौजूद हैं। इसके बाद करीब सात से आठ वर्षों तक प्रतिभागियों के स्वास्थ्य पर नजर रखी गई। इस दौरान यह दर्ज किया गया कि किन लोगों में उच्च रक्तचाप, हार्ट अटैक, स्ट्रोक या एंजाइना जैसी हृदय संबंधी समस्याएं विकसित हुईं।
- यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार लगभग सभी प्रतिभागी किसी न किसी प्रकार के खाद्य प्रिजरवेटिव्स के संपर्क में थे।
- अध्ययन के शुरुआती दो वर्षों के दौरान करीब 99 प्रतिशत प्रतिभागियों ने ऐसे प्रिजरवेटिव्ज वाले खाद्य पदार्थों का सेवन किया था।
- जिन लोगों ने कुछ विशेष प्रिजरवेटिव्ज का सबसे अधिक सेवन किया, उनमें उच्च रक्तचाप होने का खतरा लगभग 29 प्रतिशत अधिक था।
- वहीं हृदय रोगों का खतरा भी करीब 16 प्रतिशत तक बढ़ा हुआ पाया गया।
विश्लेषण में सोडियम नाइट्राइट, पोटैशियम सोर्बेट और कुछ सल्फाइट यौगिकों को विशेष रूप से अधिक जोखिम से जुड़ा पाया गया। इसके अलावा एंटीऑक्सिडे श्रेणी के कुछ प्रिजरवेटिव्ज अधिक सेवन और रक्तचाप बढ़ने बीच भी संबंध देखा गया।
मेटाबॉलिज्म हो सकती है प्रभावित
शोधकर्ताओं के अनुसार यह अध्ययन इस विषय को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक कदम है। उनका कहना है कि अभी और प्रयोगात्मक अनुसंधान की आवश्यकता है, क्योंकि यह अध्ययन अवलोकन आधारित है और इससे प्रत्यक्ष कारण- परिणाम संबंध स्थापित नहीं किया जा सकता।
- शोधकर्ताओं का मानना है कि कुछ प्रिजरवेटिव्ज शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ा सकते हैं और मेटाबॉलिज्म प्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे लंबे समय में हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
- विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के अवलोकन आधारित अध्ययन किसी बीमारी का प्रत्यक्ष कारण सिद्ध नहीं करते।
- जो लोग अधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ खाते हैं, उनकी जीवनशैली भी कई मामलों में अलग हो सकती है।
- कम शारीरिक गतिविधि, अधिक नमक और वसा का सेवन तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी आदतें भी हृदय रोग के जोखिम को प्रभावित कर सकती हैं।
अध्ययन के निष्कर्ष यह संकेत देते हैं कि अत्यधिक प्रोसेस्ड और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए अनुकूल नहीं हो सकता। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सामान्य तौर पर ताजा, कम प्रोसेस्ड और घर में तैयार भोजन को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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