स्वस्थ रहने के लिए सभी लोगों को शारीरिक रूप से सक्रियता बढ़ाने की सलाह दी जाती है, इससे कई तरह की बीमारियों के विकसित होने का जोखिम कम होता है। आज नेशनल स्पोर्ट्स डे है, हर साल 29 अगस्त को यह खास दिन मनाया जाता है। इस दिन हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती भी होती है। खेल सिर्फ हमें फिट रहने में ही नहीं, कई प्रकार की शारीरिक और मानसिक बीमारियों के जोखिमों से बचाने में भी सहायक होते हैं। अध्ययन भी बताते हैं कि जो लोग अपनी दिनचर्या में खेल-व्यायाम को शामिल करते हैं, उनमें अन्य लोगों की तुलना में कई तरह की बीमारियों का जोखिम कम होता है।
Health Tips: 'नेशनल स्पोर्ट्स डे' पर जानिए दिनचर्या में खेलों को शामिल करने के लाभ, बचपन से ही बनाएं इसकी आदत
बच्चों के लिए खेलों के लाभ
अध्ययनों से पता चलता है कि बच्चों में समय के साथ कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं जैसे मोटापा, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल की दिक्कत बढ़ती जा रही है, इसके लिए सेंडेंटरी लाइफस्टाइल यानि कि शारीरिक निष्क्रियता को प्रमुख कारण के तौर पर देखा जा रहा है। इन समस्याओं के जोखिम को कम करने के लिए बच्चों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना लाभकारी हो सकता है।
आउटडोर गेम्स में शरीर का व्यायाम हो जाता है जिससे बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। शोध बताते हैं कि घर के भीतर समय बिताने वाले बच्चे अधिक बीमार पड़ते हैं।
बच्चों में खेल की आदत बनाने के क्या लाभ हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि बच्चों में आउटडोर गेम्स का आदत उनके संपूर्ण विकास और बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने में सहायक हो सकती है।
- खेलों से मोटापे का खतरा कम होता है।
- कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस में वृद्धि करने में भी खेल सहायक हैं।
- हड्डियों, मांसपेशियों और स्वस्थ शारीरिक विकास में मददगार है।
- बेहतर शारीरिक समन्वय और संतुलन को बनाने के लिए खेल आवश्यक हैं।
- बेहतर नींद, मानसिक स्वास्थ्य लाभ और आत्मविश्वास को बढ़ाने में भी खेलों की विशेष भूमिका मानी जाती है।
सामाजिक विकास में सहायक हैं खेल
बच्चों का आउटडोर गेम्स में शामिल होना उन्हें आपस में मजबूत संबंध बनाने में भी मदद करता है। खेल के दौरान वे सीखते हैं कि सामाजिक परिस्थितियों में कैसे व्यवहार करना है, कैसे लोगों के साथ संबंध बनाना है? ये उनके मानसिक विकास का आवश्यक हिस्सा है। जिन बच्चों का आउटडोर गेम्स में कम लगाव होता है अक्सर उनमें झिझक और नए लोगों से बात करने में असहजता की भावना देखने को मिलती है।
ये सावधानियां भी जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बच्चों को खेलों के प्रति प्रेरित करना आवश्यक है पर साथ ही साथ उनकी सुरक्षा को लेकर भी ध्यान देने की जरूरत है। खेलों के दौरन होने वाली थोड़ी सी भी चूक के कारण चोट लगने का खतरा हो सकता है। इसलिए जब भी बच्चों को खेल के लिए भेजें तो घुटने, कोहनी और कलाई, मुंह आदि को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षात्मक गियर पहनाएं। खेलों को किस प्रकार से सुरक्षात्मक दृष्टि से जीवनशैली का हिस्सा बनाया जा सकता है, इस बारे में भी जागरूक करना आवश्यक है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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