पिछले कुछ वर्षों के आंकड़े उठाकर देखें तो पता चलता है कि कम उम्र के लोगों में हृदय रोग और हार्ट अटैक के मामले काफी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। शारीरिक सक्रियता को हृदय रोगों के जोखिमों को कम करने वाला माना जाता रहा है, पर गंभीर बात यह है कि बहुत से लोगों को जिम में हार्ट अटैक की समस्या देखी गई है। हाल में कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव से लेकर अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला तक को जिम करते हुए दिल का दौरा पड़ा। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि आखिर जिम जाने वालों में इस तरह की गंभीर समस्या क्यों बढ़ रही है? हृदय रोगों से बचे रहने के लिए क्या जिम जाना बंद कर देना चाहिए?
सेहत की बात: जिम के दौरान बढ़ता हार्ट अटैक का खतरा, फिट-स्वस्थ रहने के लिए जानिए जिम में क्या करें-क्या नहीं?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्या कहते हैं डॉक्टर्स?
अमर उजाला से बातचीत में लखनऊ स्थित एक अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ प्रभाकर अवस्थी कहते हैं, कुछ मामलों के बाद से लोगों के मन में जिम जाने को लेकर डर देखा जा रहा है। हालांकि अगर हम कुछ आवश्यक सावधानियां बरतते हैं तो इस तरह के जोखिमों से सुरक्षित रह सकते हैं। हमें यह समझना जरूरी है कि हर व्यक्ति का शरीर, ताकत और सहनशक्ति अलग होती है। अगर हम अपनी क्षमता के अनुसार जिम में अभ्यास कर रहे हैं तो यह सुरक्षित है। यदि आपको हृदय रोगों या सांस से संबंधित पहले से ही कोई समस्या है तो इस बारे में अपने विशेषज्ञ की सलाह के आधार पर ही जिम या व्यायाम का चयन करें। कुछ बातों का ध्यान रखकर आप खतरे को कम कर सकते हैं।
जिम के दौरान इन बातों का ध्यान रखें
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, जिम के दौरान किसी भी तरह की समस्या से बचे रहने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है। व्यायाम की शुरुआत के पहले अच्छे से वार्मअप और व्यायाम के बाद शरीर को कूल डाउन करना बहुत आवश्यक है। यह हृदय से अतिरिक्त दबाव को कम करने में आपके लिए सहायक है। व्यायाम के दौरान हल्के कपड़े पहने, जहां जिम करें ध्यान रहे वहां वेंटिलेशन की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए। फिटनेस ट्रेनर की निगरानी में ही वर्कआउट करें इससे किसी भी प्रकार के जोखिम को कम किया जा सकता है।
इस तरह की गलतियों से बचें
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिम में हार्ट अटैक या अन्य प्रकार के चोट के हादसों का प्रमुख कारण है कि हम कम समय में अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए अपनी क्षमता से अधिक भार उठाने लगते हैं या अधिक तीव्रता वाले व्यायाम करने लगते हैं। हमेशा अपनी सहनशक्ति का ध्यान रखते हुए ही व्यायाम किया जाना चाहिए। यदि आप व्यायाम के दौरान दर्द, बेचैनी, मितली, चक्कर आने या सीने में दर्द का अनुभव करते हैं, तो व्यायाम तुरंत बंद कर दें।
यदि आप पहले से ही किसी हृदय रोग की समस्या से पीड़ित हैं तो डॉक्टर की सलाह पर ही व्यायाम करें और अपने लिए उन अभ्यास की चयन करें जिससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव न बनने पाए।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।