धूम्रपान और तंबाकू उत्पादों का सेवन शरीर के लिए कई प्रकार से नुकसानदायक प्रभावों वाला माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को तंबाकू उत्पादों से दूरी बनाने की सलाह देते हैं। तंबाकू या धूम्रपान की आदत फेफड़ों से लेकर रक्त वाहिकाओं और हृदय से संबंधित विकारों को बढ़ाने वाली हो सकती है। जिन लोगों को तंबाकू की लत लग जाती है उन्हें इसे छुड़ाने और इसके कारण होने वाले जोखिमों को कम करने के लिए उपचार के तौर पर निकोटीन थेरपी लेने की सलाह दी जाती है।
Nicotine: धूम्रपान छोड़ने में मददगार है निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी, डॉक्टर बोले- आसानी से लोगों तक पहुंच जरूरी
प्रिस्क्रिप्शन दवा के रूप में वर्गीकृत करने का प्रस्ताव
सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) के तहत औषधि तकनीकी सलाहकार बोर्ड, द ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (डीटीएबी) हाल ही में निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी को शेड्यूल-के दवाओं के तहत रखने का प्रस्ताव दिया था, ताकि भविष्य में ये केवल अधिकृत चिकित्सकों के प्रिस्क्रिप्शन पर ही उपलब्ध हो, न कि ओवर-द-काउंटर मेडिसिन के रूप में।
गौरतलब है कि निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एनआरटी) के लिए मुख्यरूप से निकोटीन पोलाक्रिलेक्स गम, लोजेंज और ट्रांसडर्मल पैच का उपयोग किया जाता रहा है।
तंबाकू छोड़ने में इसके लाभ
विशेषज्ञों ने कहा है कि एनआरटी की मदद से धूम्रपान छोड़ने की संभावना 50 प्रतिशत अधिक हो सकती है, और यह डॉक्टर के नुस्खे की आवश्यकता के बिना सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, तंबाकू का सेवन बड़े खतरे के रूप में उभर रहा है, बड़ी संख्या में वयस्क इसके शिकार हैं। कई प्रकार की गंभीर और क्रोनिक बीमारियों के लिए तंबाकू और धूम्रपान को प्रमुख जोखिम कारक के तौर पर जाना जाता रहा है।
महिला-पुरुष दोनों में तंबाकू की लत
एम्स के डॉक्टर कहते हैं, भारत में तंबाकू के उपयोग के कम करने के लिए प्रयास किए गए हैं । देश में करीब 28.6 प्रतिशत वयस्क इससे प्रभावित होते हैं। 42 प्रतिशत पुरुष और 14.2 प्रतिशत महिलाओं में इसकी लत देखी जा रही है। एनआरटी एक तरीका है जो लोगों को तंबाकू छोड़ने में मदद कर सकती है, बिना डॉक्टरी सलाह के एनआरटी तक आसान पहुंच, व्यक्तियों को धूम्रपान छोड़ने में मदद करती है।
कैसे काम करती है ये थेरेपी
धूम्रपान या तंबाकू के विपरीत एनआरटी, रक्त में निकोटीन के स्तर में क्रमिक और बहुत कम वृद्धि करता है, जिससे समय के साथ लोगों की तंबाकू और इसके उत्पादों पर निर्भरता कम होती जाती है। एनआरटी का उद्देश्य निकोटीन डिलीवरी सिस्टम की मदद से लोगों को नशे की लत से दूर करना है। नए प्रस्तावों से यह थोड़ा कठिन हो सकता है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।