एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस) और इसके कारण होने वाली एड्स (एक्वायर्ड इम्यूनोडिफिशिएंसी सिंड्रोम) की बीमारी वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय रही है। साल 2023 में अनुमानित 1.3 मिलियन (13 लाख) से अधिक लोग एचआईवी संक्रमण की चपेट में आए, वहीं 6.30 लाख से अधिक लोगों की एचआईवी और इसके कारण होने वाली स्वास्थ्य जटिलताओं से मौत हो गई। मेडिकल क्षेत्र में नवाचार और कारगर दवाओं के विकास के कारण अब ये संक्रमण लाइलाज तो नहीं रहा है हालांकि कई विकसित और विकासशील देशों के लिए ये अब भी बड़ी चुनौती रहा है।
HIV Infection: अब इस देश के लिए चिंता बढ़ा रहा है एचआईवी संक्रमण, इस इंजेक्शन से 96% तक कम हो सकता है खतरा
अमेरिका के न्यूयॉर्क में एचआईवी के मामलों में वृद्धि देखी गई है। साल 2022 की तुलना में साल 2023 में यहीं एचआईवी संक्रमण के मामलों में उछाल दर्ज किया गया है। अध्ययन में संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए एक इंजेक्शन को प्रभावी पाया गया है। आइए इस बारे में जानते हैं।
न्यूयॉर्क में बढ़े संक्रमण के मामले
सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया, साल 2023 में न्यूयॉर्क शहर में 1,686 लोगों में एचआईवी के मामलों का निदान किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7.6% अधिक है। इस आंकड़े में संभवतः कुछ ऐसे लोग भी शामिल हो सकते हैं जिन्हें 2023 से पहले ये संक्रमण हुआ था।
शहर के स्वास्थ्य विभाग (हेपेटाइटिस, एचआईवी और एसटीआई) ब्यूरो की सहायक आयुक्त डॉ. सारा ब्राउनस्टीन ने कहती हैं, कोई भी व्यक्ति एचआईवी संक्रमण की स्थिति में भी बिना किसी लक्षण, बीमारी के वर्षों तक रह सकता है। मामलों का समय पर निदान हो सके इसलिए टेस्टिंग की दर बढ़ाई गई है, संभव है कि इसके कारण मामलों में वृद्धि आई है।
संक्रमण के वैश्विक मामलों को लेकर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट
इससे पहले हाल ही में एचआईवी संक्रमण को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने राहत भरी जानकारी साझा की थी। इस रिपोर्ट के मुताबिक साल 1980 के दशक के अंत में इस रोग के बढ़ने के बाद से पहली बार ऐसा हुआ है जब इसके सबसे कम मरीज रिपोर्ट किए गए हैं। पिछले वर्ष एचआईवी से संक्रमित लोगों की संख्या किसी भी समय की तुलना में सबसे कम रही, हालांकि ये संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित लक्ष्यों से अब भी बहुत ज्यादा है।
यूएनएड्स एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 में लगभग 1.3 मिलियन (13 लाख) लोग इस बीमारी से संक्रमित हुए। यह अभी भी एड्स को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरे के रूप में समाप्त करने के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आवश्यक संख्या से तीन गुना अधिक है। हालांकि चिंताजनक ये है कि दुनियाभर में एचआईवी से पीड़ित लगभग 40 मिलियन (चार करोड़) लोगों में से लगभग 9.3 मिलियन (93 लाख) लोगों को अब भी कोई उपचार नहीं मिल रहा है।
इंजेक्शन से 96 फीसदी तक कम हो सकता है संक्रमण का खतरा
एचआईवी संक्रमण की रोकथाम और रोगियों के इलाज की दिशा में पिछले एक दशक में मेडिकल साइंस ने विशेष प्रगति की है। इसी से संबधित एक अध्ययन में पाया गया है कि साल में दो बार (हर छह महीने में) लेनाकेपाविर इंजेक्शन की मदद से संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम करने में मदद मिल सकती है।
अध्ययन में क्या पता चला?
न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन में लेनाकापाविर (एंटीरेट्रोवायरल दवा) के उपयोग को एचआईवी संक्रमण रोकने में 96% से अधिक प्रभावी पाया गया है। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि ये इंजेक्शन एमट्रिसिटाबाइन-टेनोफोविर डिसोप्रॉक्सिल फ्यूमरेट (ट्रूवाडा) दवा को रोजाना लेने से अधिक प्रभावी है। इस दवा का उपयोग एचआईवी-1 के उपचार और एचआईवी होने के जोखिम को कम करने के लिए किया जाता है।
दवा के तीसरे चरण के परीक्षण में पाया गया है कि लेनाकापाविर इंजेक्शन एचआईवी की रोकथाम के लिए सबसे प्रभावी विकल्पों में से एक हो सकता है। लेनाकापाविर लेने वाले 2,100 से अधिक प्रतिभागियों के समूह में केवल दो प्रतिभागियों को एचआईवी हुआ, जबकि ट्रूवाडा दवा लेने वाले समूह में से नौ प्रतिभागियों को एचआईवी हुआ।
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स्रोत और संदर्भ
Twice-Yearly Lenacapavir for HIV Prevention in Men and Gender-Diverse Persons
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