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भारत में हैजा महामारी फैलने का लगाया जा सकता है पूर्वानुमान, नए अध्ययन में खुलासा

Mon, 21 Dec 2020 05:46 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Mon, 21 Dec 2020 05:46 PM IST
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New study says Cholera outbreaks can be predicted in India through artificial intelligence
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

हैजा को एशियाई महामारी के रूप में भी जाना जाता है। एक समय था जब भारत में इस महामारी की वजह से गांव के गांव खाली हो जाते थे, लोग अपने-अपने घरों को छोड़कर कहीं दूर जाकर बस जाते थे, ताकि वो इस जानलेवा बीमारी की चपेट में न आएं। हालांकि अब तो इसके मामले बहुत कम ही सुनने को मिलते हैं, लेकिन फिर भी वैश्विक स्तर पर देखें तो लाखों लोग अभी भी इस महामारी की चपेट में आ ही जाते हैं। अब इसी से संबंधित एक ताजा अध्ययन में वैज्ञानिकों ने एक खुश करने वाला दावा किया है। अध्ययन के मुताबिक, पृथ्वी का चक्कर लगा रहे उपग्रहों से प्राप्त जलवायु के आंकड़ों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक के जरिये भारत के तटीय क्षेत्रों में इस महामारी के फैलने का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है। 

New study says Cholera outbreaks can be predicted in India through artificial intelligence
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

इस नए अध्ययन को 'इंटरनेशनल जर्नल ऑफ इनवायर्नमेंटल रिसर्च एंड पब्लिक हेल्थ' नामक शोध पत्रिका में प्रकाशित किया गया है। इसमें बताया गया है कि समुद्र की सतह पर मौजूद नमक की मात्रा से हैजा के फैलने का पहले ही अनुमान लगाया जा सकता है। 

New study says Cholera outbreaks can be predicted in India through artificial intelligence
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि 2010-16 के बीच वैश्विक स्तर पर हैजा के जितने भी मामले सामने आए, उनमें से आधे से अधिक मामले उत्तरी हिंद महासागर के आसपास देखने को मिले। इस शोध को ब्रिटेन स्थित 'यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी जलवायु कार्यालय' और 'प्लाइमाउथ समुद्री प्रयोगशाला' के शोधकर्ताओं ने मिलकर किया। 

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New study says Cholera outbreaks can be predicted in India through artificial intelligence
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

शोधकर्ताओं ने पाया कि वैश्विक ऊष्मा और मौसम में आ रहे बदलाव के कारण हैजा को फैलने में मदद मिल रही है। उनका कहना है कि हैजा के नए मामलों और उस पर पड़ने वाले पर्यावरण के प्रभाव के बीच जटिल संबंध हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक, 'मशीन लर्निंग एल्गोरिदम' के जरिये इस महामारी के फैलने का पूर्वानुमान लगाने में मदद मिल सकती है। 

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New study says Cholera outbreaks can be predicted in India through artificial intelligence
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

कैसे फैलता है हैजा? 

हैजा पानी से फैलने वाला एक ऐसा रोग है, जो दूषित जल पीने या दूषित खाना खाने से फैलता है। इस महामारी को फैलाने के लिए 'विब्रियो कालरी' नामक बैक्टीरिया को जिम्मेदार माना जाता है। ये बैक्टीरिया दुनिया के कई तटीय इलाकों और खासकर घनी आबादी वाले उष्ण कटिबंधीय इलाकों में पाया जाता है। इस बैक्टीरिया की खासियत ये है कि यह गर्म और हल्के नमकीन पानी में आसानी से जिंदा रह सकता है। 

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