फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Covid-19: अति-संक्रामक 'Kraken' के कारण अस्पतालों में बढ़े मरीज, कुछ प्रकृति इसे बनाती हैं डेल्टा से भी खतरनाक

Sun, 15 Jan 2023 11:06 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sun, 15 Jan 2023 11:06 AM IST
विज्ञापन
New Covid Variant Kraken Covid-19, xbb 1.5 variant symptoms and severity in hindi
कोरोना के नए वैरिएंट से संक्रमितों में हॉस्पिटलाइजेशन का खतरा - फोटो : istock

वैश्विक स्तर पर कोरोना संक्रमण का जोखिम बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन के अलावा अमेरिका में भी नए कोरोना वैरिएंट्स के कारण स्थिति बिगड़ गई है। यहां बढ़ते कोरोना के मामलों के लिए ओमिक्रॉन के XBB.1.5 वैरिएंट को प्रमुख कारण बताया जा रहा है। इस वैरिएंट को लेकर हुए अध्ययनों में पाया गया है कि न सिर्फ इसकी संक्रामकता दर अधिक है साथ ही इससे संक्रमितों के अस्पताल में भर्ती होने के मामले भी अधिक देखे जा रहे हैं। हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी नए वैरिएंट्स को अधिक संक्रामक बताते हुए इससे बचाव के उपाय करते रहने की सलाह दी है।



XBB.1.5 नया वैरिएंट है, जिसकी प्रकृति को समझने के लिए अध्ययन जारी है। वैज्ञानिकों ने इसे 'Kraken' निकनेम दिया है। प्रारंभिक शोध में अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि कुछ मामलों में यह अब तक के सबसे खतरनाक कोरोना के डेल्टा वैरिएंट (भारत में दूसरी लहर का कारण) की तरह या उससे भी खतरनाक हो सकता है।

जिस प्रकार से इसके प्रसार की दर है वह चिंता बढ़ाने वाली है। अमेरिका के कई हिस्सों में इस वैरिएंट ने संक्रमण के गंभीर जोखिमों को बढ़ाया हुआ है जिसको लेकर अन्य सभी देशों को गंभीरता दिखाने की आवश्यकता है।

New Covid Variant Kraken Covid-19, xbb 1.5 variant symptoms and severity in hindi
ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट्स ने बढ़ाई चिंता - फोटो : Pixabay

भारत में भी बढ़े रहे हैं मामले

XBB.1.5 वैरिएंट के मामले भारत में भी बढ़ रहे हैं। दिसंबर 2022 में इसका पहला मामला गुजरात में दर्ज किया गया था। हाल ही में उत्तराखंड से सामने आए इससे एक और संक्रमित के मामले के साथ देश में इस वैरिएंट से संक्रमितों की संख्या बढ़कर अब 8 हो गई है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि इस बढ़ते खतरे से बचाव बहुत आवश्यक है। यह वैरिएंट न सिर्फ तेजी से फैल सकता है साथ ही इसके कारण हॉस्पिटलाइजेशन के मामले भी बढ़ सकते हैं। बहुत ही कम समय में यह वैरिएंट लगभग 30 देशों में फैल चुका है। 

New Covid Variant Kraken Covid-19, xbb 1.5 variant symptoms and severity in hindi
नए वैरिएंट्स से संक्रमितों में गंभीर रोगों का खतरा - फोटो : iStock

संक्रमितों को भर्ती होने की पड़ रही है जरूरत

आमतौर पर माना जाता रहा है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट्स की प्रकृति भले ही अधिक संक्रामक है पर इसके कारण लोगों में गंभीर रोगों को जोखिम नहीं होता है। पर इसके विपरीत क्रैकन से प्रभावित संयुक्त राज्य अमेरिका के अस्पतालों में रोगियों की संख्या में नाटकीय रूप से वृद्धि देखी जा रही है।

एक रिपोर्ट में महामारी विज्ञानी डॉ जेम्स लॉलर कहते हैं, "अस्पतालों में नए XBB.1.5 वैरिएंट से संक्रमितों की संख्या बढ़ी है। 70 वर्ष से अधिक उम्र लोगों में इस तरह का जोखिम अधिक है पर कई हिस्सों में कम उम्र के लोगों को भी भर्ती होने की जरूरत पड़ रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
New Covid Variant Kraken Covid-19, xbb 1.5 variant symptoms and severity in hindi
नए वैरिएंट्स आसानी से बढ़ा सकते हैं संक्रमण - फोटो : Pixabay

वैरिएंट के बाइंडिंग प्रकृति

जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय में वायरोलॉजिस्ट एंड्रयू पेकोज़ कहते हैं, प्रारंभिक शोध में इस नए वैरिएंट के बाइंडिंग को लेकर जो बातें पता चली हैं, वह डराती हैं। इस वैरिएंट में देखा गया म्यूटेशन इसे अधिक कुशलता से कोशिकाओं के साथ बाइंडिंग की क्षमता प्रदान करता है। इससे लोगों में संक्रमण का जोखिम अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है। यह शरीर के अंगों को किस प्रकार से प्रभावित करता है, इसे समझने के लिए अध्ययन किया जा रहा है। फिलहाल ज्यादातर लोग अब भी हल्के लक्षणों वाले ही हैं। 

विज्ञापन
New Covid Variant Kraken Covid-19, xbb 1.5 variant symptoms and severity in hindi
कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज का प्रभाव - फोटो : PTI

बूस्टर वैक्सीन वाले भी हो सकते हैं शिकार

XBB और इसके सब-वैरिएंट की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं वैज्ञानिकों ने बताया है कि इसके म्यूटेशन वैक्सीन की प्रतिरक्षा से बचकर लोगों को संक्रमित करने में सफल हो रहे हैं। जिन लोगों को बूस्टर डोज लग चुका है उनमें भी संक्रमण देखा जा रहा है, जिससे स्पष्ट होता है कि XBB.1.5 वैरिएंट बूस्टर वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा को भी चकमा दे सकती है। इस तरह की प्रकृति चिंता बढ़ाने वाली मानी जाती है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर इस वैरिएंट पर सभी देशों ने समय रहते कंट्रोल नहीं पा लिया तो संभव है कि यह आने वाले दिनों में बड़े खतरे के तौर पर उभर सकती है। 



-------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed