भारत में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया का शिकार हैं। यही एक कारण है कि प्रतिवर्ष लोगों को एनीमिया के प्रति जागरूक करने के लिए पिछले साल इस दिन को मनाने का निर्णय लिया गया। 2020 में विभिन्न क्षेत्रों के नेताओं ने आइएचडब्ल्यू के साथ मिलकर यह तय किया कि आने वाले दो सालों में जितना हो सके भारत से एनीमिया की समस्या को मिटाएंगे और 21 मार्च को प्रतिवर्ष राष्ट्रीय एनीमिया दिवस के रूप में मनाया जाएगा। अगली स्लाइड्स से मिरेकल्स मेडीक्लीनिक एंड अपोलो क्रेडल अस्पताल, गुरुग्राम से जानिए एनीमिया के लक्षण और इससे बचने के उपाय।
National Anaemia Day 2021: जानिए नेशनल एनीमिया दिवस मनाने की वजह, एनीमिया के लक्षण और इससे बचने के उपाय
इन कारणों से होता है एनीमिया-
शरीर में आयरन की कमी के कारण एनीमिया होता है। जो लोग खाने में हरी सब्जियों और पौष्टिक आहार का सेवन नहीं करते हैं, उन्हें एनीमिया की समस्या से परेशान होना पड़ता है। शरीर से बहुत अधिक रक्त बह जाने पर भी एनीमिया का समस्या हो सकती है। अधिकांश भारतीय महिलाएं अपने घर के सदस्यों का ख्याल रखने में इतनी व्यस्त रहती हैं कि वे स्वयं का ध्यान नहीं रख पातीं। कई सारी महिलाओं को गरीबी के कारण सही मायने में पोष्टिक आहार नहीं मिलता है इसलिए भी वे महिलाओं को एनीमिया अधिक होता है।
एनीमिया के लक्षण-
एनीमिया के लक्षण बहुत सामान्य होते हैं इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उठने- बैठने पर चक्कर आना, अचानक ही दिल की धड़कन बढ़ना-घटना, सांस लेने में तकलीफ होना, त्वचा का पीला पड़ जाना, हथेलियों और तलवों का ठंडा पड़ना आदि एनीमिया के लक्षण हैं। इनमें से कोई भी लक्षण नजर आने पर लापरवाही करने की बजाय समय पर चिकित्सक का परामर्श लें।
टमाटर और चुकंदर का सेवन
खून की कमी होने पर ही एनीमिया होता है। ऐसे में यदि आपको पता है कि आपके शरीर में खून की कमी है तो पहले ही टमाटर, चुकंदर एवं गाजर का सेवन करें। नियमित रूप से सलाद के रूप में या जूस के रूप में आप इनका सेवन करते हैं तो जल्द ही आपके शरीर में रक्त की जो कमी है, वो दूर हो जाएगी और आप एनीमिया का शिकार होने से बच जाओगे।
लोहे की कढ़ाई में खाना बनाने से भोजन में लोहे की मात्रा बढ़ जाती है जिससे कि शरीर में होने वाली लोहे की कमी धीरे- धीरे खत्म होने लगती है। शरीर को पर्याप्त मात्रा में आयरन मिलने लगता है। पालक का अधिक से अधिक सेवन करें क्योंकि यह लोहे का अच्छा स्रोत है। आयरन की कमी अधिक होने पर चिकित्सक से परामर्श लेकर आप आयरन की टेबलेट भी ले सकते हैं।