एक उम्र के बाद हर व्यक्ति को स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में महिलाओं को होने वाली भी कुछ बीमारियां हैं जो सामान्य हैं। महिलाओं को खुद के स्वास्थ और शरीर पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता होती है क्योंकि उम्र कितनी भी हो कुछ ऐसी सामान्य बीमारियां हैं जो महिलाओं को कभी भी हो सकती हैं। इनके विषय में आपको जानना जरूरी है ताकि रेगुलर चेकअप के जरिए इनसे बचा जा सके।
महिलाओं में सामान्य हैं ये पांच बीमारियां, जरूरी है नियमित जांच
देश में लगभग 60 प्रतिशत महिलाएं काम में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि वह खुद पर भी ध्यान नहीं देती हैं। इसका असर सीधा उनकी सेहत पर पड़ता है। महिलाएं खुद को लेकर इतनी लापरवाही करती हैं, जिससे उनको खून की कमी जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ता है। अक्सर गर्भावस्था के वक्त भी महिलाएं पौष्टिक खाना नहीं खाती जिससे, मां और बच्चे दोनों को कुपोषण का शिकार होना पड़ता हैं।
अनीमिया से बचना है तो क्या खाएं
-पालक में कैल्शियम, विटमिन ए, विटमिन बी9, विटमिन ई, विटमिन सी, आयरन, फाइबर, बीटा कैरोटीन होता है जो शरीर को स्वस्थ रखता है।
-सोयाबीन आयरन और प्रोटीन से युक्त होता है और लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करने में मदद करता है।
-लाल रंग का चुकंदर आयरन युक्त होता है। यह आपके लाल रक्त कोशिकाओं को ठीक करने के साथ ही और दोबारा सक्रिय बनाता है।
-टमाटर में विटमिन सी और लाइकोपीन होता है जो आयरन का अवशोषण करने में मदद करता है।
-अंडे में प्रोटीन और ऐंटिऑक्सिडेंट्स होते हैं जो शरीर के विटमिन की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं।
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम एक प्रकार का मेटाबॉलिक डिसऑर्डर है, जो महिलाओं में हार्मोन्स को असंतुलित करता है। महिलाओं के शरीर में एंड्रोजन नामक पुरुषों में होने वाले हार्मोन की अधिकता हो जाती है। इस स्थिति में ओवरी में पानी से भरी कई छोटी-छोटी ग्रंथियां बनने लगती हैं, जिसे पॉलीसिस्टिक ओवरी कहते हैं। इतना ही नहीं इंसुलिन की अधिक मात्रा, अनुवांशिकता और लो-ग्रेड इन्फ्लेमेशन भी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के कारण हो सकते हैं।
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम से बचने के उपाय
-खाने में हाई फाइबर वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करें। जैसे- ब्रोकली, फूलगोभी, पालक।
-बादाम, अखरोट, ओमेगा और फैटी एसिड से भरपूर चीजें खाएं।
-तीन वक्त अधिक भोजन करने की बजाए कम मात्रा में पांच बार खाना खाएं। इससे मेटाबॉलिज्म ठीक रहेगा।
आंकड़ों के अनुसार, भारत में सर्वाइकल कैंसर के लगभग 1,22,000 नए मामले सामने आते हैं, जिसमें लगभग 67,500 महिलाएं होती हैं। कैंसर से संबंधित कुल मौतों का 11.1 प्रतिशत कारण सर्वाइकल कैंसर ही है। यह स्थिति और भी खराब इसलिए हो जाती है कि देश में मात्र 3.1 प्रतिशत महिलाओं की इस हालत के लिए जांच हो पाती है, जिससे बाकी महिलाएं खतरे के साये में ही जीती हैं।
जर्नल अॉफ फॅमिली मेडिसिन की रिपोर्ट के अनुसार, देश में लगभग 70 प्रतिशत महिलाओं में विटामिन-डी की कमी होती है। विटामिन-डी की कमी से शरीर में कई समस्याएं हो जाती हैं। बिना काम किए ही जल्दी थकना, जोडों में दर्द की शिकायत, पैरों में सूजन, मांसपेशियों में कमजोरी जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसकी वजह यह है कि महिलाएं अपना सारा वक्त घर के कम में लगा देती हैं और साथ ही वह धूप में जाना पसंद नहीं करती हैं। अपने खानपान में लोगों को मछली, अनाज, मशरुम, अंडे, पनीर, दूध, पनीर और संतरे का रस शामिल करना चाहिए।