डॉ. परवेश मलिक
फिजिशियन, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एमडी (जनरल मेडिसिन)
Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
World Menstrual Hygiene Day 2022: अधिकतर महिलाओं को हर महीने आने वाले मासिक धर्म के दौरान शारीरिक और मानसिक तौर पर कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खराब लाइफस्टाइल और पोषण की कमी के कारण पीरियड्स में महिलाओं की परेशानी बढ़ जाती है। पीरियड के दौरान हैवी ब्लीडिंग होना इनमें से एक आम समस्या है। कई किशोरियों व महिलाओं को बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होती है या 6-7 दिनों से ज्यादा समय तक पीरियड आते हैं। इस तरह की समस्या को मेनोरेजिया कहते हैं। मेनोरेजिया हैवी मेंस्ट्रुअल फ्लो की वह समस्या है, जिसमें ज्यादा ब्लीडिंग के कारण महिलाओं को एक घंटे में कई बार पैड बदलने की जरूरत पड़ सकती है। इसमें नियमित से एक चौथाई या उससे बड़े साइज के ब्लड क्लॉट दिखाई दे सकते हैं। इस कारण महिलाओं को रोजमर्रा के काम में काफी परेशानी हो जाती है। उनके काम में तो बाधा आती ही है, साथ ही शारीरिक तौर पर कमजोरी भी हो जाती है। चलिए जानते हैं पीरियड्स में अधिक ब्लीडिंग होने का कारण और रोकथाम के उपाय।
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पीरियड्स में अधिक ब्लीडिंग होने पर क्या करें
- फोटो : Pixabay
पीरियड्स में हैवी ब्लीडिंग से होने वाली समस्याएं
जिन महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान अधिक रक्त बहाव या हैवी ब्लीडिंग होती है, वह थकान महसूस करने के साथ ही लगातार पेट में दर्द और ऐंठन की समस्या से भी परेशान रहती है। ब्लड ज्यादा निकल जाने से एनीमिया की समस्या भी हो सकती है।
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पीरियड्स में अधिक ब्लीडिंग होने पर क्या करें
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हैवी ब्लीडिंग होने पर क्या करें?
-अगर आप मेनोरेजिया की समस्या से परेशान हैं तो डॉक्टर से बात करें। ताकि अंतर्निहित कारणों का पता चल सके।
-खान पान और जीवन शैली में सुधार करें।
-घरेलू नुस्खे, आयुर्वेदिक उपायों को अपनाकर पीरियड्स में हैवी ब्लीडिंग से राहत पाई जा सकती है।
पीरिड्स में हैवी ब्लीडिंग की वजह
मासिक धर्म के दौरान ज्यादा रक्त निकल जाने की एक वजह शारीरिक और रोग संबंधी कारण हो सकते हैं। साथ ही हार्मोनल असंतुलन, आहार और जीवनशैली ठीक न होने से कारण भी पीरियड्स में अनियमितताएं आती है। ऐसे में अगर कोई महिला पीरियड में ज्यादा ब्लड आने से परेशान है तो उसकी वजह जानकर ऐसी परेशानी से बच सकती है।
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मसालेदार भोजन का अधिक सेवन
जो महिलाएं ज्यादा मसालेदार और फैटी भोजन करती हैं, उनमें पित्त दोष बढ़ता है। इससे शरीर में प्रोस्टाग्लैंडीन की संख्या बढ़ती है और यूट्रस अनुबंध हो सकता है। यूट्रस में संकुचन के कारण ऐंठन होने लगती है। ऐसे में पीरियड्स के दौरान फैटी या तेल मसालों वाले भोजन से बचना चाहिए। पीरियड्स में हाई मात्रा में सोडियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन भी नहीं करना चाहिए। ज्यादा सोडियम युक्त भोजन शरीर में सूजन बढ़ाता है।