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Covid-19: लॉन्ग कोविड की ये समस्या कैंसर और स्ट्रोक रोगियों से कहीं ज्यादा गंभीर, स्वाद-गंध भी नहीं हुई ठीक

Thu, 22 Jun 2023 12:31 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 22 Jun 2023 12:31 PM IST
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long COVID fatigue levels worse than some types of cancer or stroke fatigue, post covid complications in hind
लॉन्ग कोविड में कमजोरी की समस्या - फोटो : istock

कोविड-19 के मामले भले ही दुनियाभर में फिलहाल काफी कंट्रोल में हों पर इसके दीर्घकालिक दुष्प्रभावों का जोखिम अब भी लोगों को परेशान कर रहा है। लॉन्ग कोविड यानी संक्रमण से ठीक हो जाने के बाद भी बनी रहने वाली स्वास्थ्य समस्याएं कई लोगों में एक साल बाद तक भी देखी जा रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यह गंभीर चिंता वाले संकेतक हैं। लॉन्ग कोविड की समस्या में लोगों में कमजोरी-थकान, सांस की दिक्कत, हृदय रोगों की समस्या और कई लोगों में तो एक साल से अधिक समय के बाद तक अब भी स्वाद-गंध न आने की दिक्कत देखी जा रही है।



कोविड-19 के इन्हीं दुष्प्रभावों के जोखिमों को लेकर अध्ययन कर रही वैज्ञानिकों की टीम ने लोगों को अलर्ट किया है। शोधकर्ता कहते हैं, जो लोग लंबे समय से पोस्ट कोविड समस्याओं से परेशान हैं उन्हें गंभीरता से अपनी समस्याओं पर ध्यान देते हुए इसका इलाज कराना चाहिए। लॉन्ग कोविड वाले कुछ लोगों में, कैंसर या स्ट्रोक से ठीक हो चुके लोगों की तुलना में अधिक गंभीर स्तर के थकान की समस्या देखी जा रही है। 

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एक साल बाद भी लॉन्ग कोविड की समस्याएं - फोटो : istock

लॉन्ग कोविड की समस्याएं

लॉन्ग कोविड रोगियों पर किए गए इस अध्ययन की रिपोर्ट को बीएमजे ओपन जर्नल में प्रकाशित किया गया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि लॉन्ग कोविड को कम से कम 12 सप्ताह तक बनी रहने वाली समस्याओं के रूप में वर्गीकृत किया है, हालांकि ये एक साल से अधिक समय तक भी रह सकता है। इसमें ज्यादातर रोगियों ने थकान के अलावा सांस फूलने, चिंता-अवसाद और ब्रेन फॉग जैसी समस्याओं के बारे में जानकारी दी। 

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लॉन्ग कोविड की बनी हुई हैं समस्याएं - फोटो : Pixabay

अध्ययन में क्या पता चला?

शोधकर्ताओं ने यूनाइटेड किंगडम में 3,754 लोगों के डेटा की जांच की, लगभग सभी लोग 18-65 वर्ष की आयु के बीच थे, इनमें 71% महिलाएं थीं। अध्ययन के दौरान नियमित रूप से रोगियों से लक्षणों और कार्य करने की उनकी क्षमता के बारे में पूछा गया।

2020 से मार्च 2022 तक चले इस शोध में 50 फीसदी लोगों ने कहा कि संक्रमण से ठीक होने के बाद पहले महीने में वह एक दिन भी काम नहीं कर पाए वहीं 5 में से 1 व्यक्ति ने कहा कि वे अब भी बिल्कुल भी काम करने में असमर्थ हैं। 

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कोविड-19 के कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : iStock

कैंसर में होने वाली थकान से गंभीर हैं कोविड-19 की कमजोरी

यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सेटर मेडिकल स्कूल में प्रोफेसर और शोधकर्ता विलियम हेनले कहते हैं, "लॉन्ग कोविड एक अदृश्य स्थिति है। चौंकाने वाली बात यह है कि हमारे शोध से पता चला है कि इसके दुष्प्रभाव, विशेषकर रोगियों में देखी जा रही थकान-कमजोरी की समस्या, कैंसर-स्ट्रोक वाले रोगों को होने वाली कमजोरी से कहीं ज्यादा गंभीर है। कई लोगों में एक साल से अधिक समय तक भी कमजोरी-थकान की दिक्कत बनी हुई है जो सीधे तौर पर  उनकी क्वालिटी ऑफ लाइफ को बिगाड़ने वाली हो सकती है।

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पोस्ट कोविड समस्याओं पर गंभीरता से दें ध्यान - फोटो : iStock

लॉन्ग कोविड को न करें अनदेखा

शोधकर्ता कहते हैं, कोविड-19 को भले ही अब इग्नोर किया जा रहा है पर इसके लॉन्ग टर्म साइड इफेक्ट्स को अनदेखा नहीं किया जा सकता। थकान के साथ बड़ी संख्या में सालभर बाद भी लोगों में स्वाद-गंध न आने की दिक्कत बनी हुई है। लॉन्ग कोविड, असल में कोविड-19 के उस दौर जितना ही चुनौतीपूर्ण है जिसमें अस्पतालों में भीड़ बढ़ रही थी। फर्क ये है कि कोविड-19 को गंभीरता से लिया जा रहा था जबकि लॉन्ग कोविड पर ज्यादा ध्यान नहीं है, ये स्थिति को और भी बिगाड़ने वाली हो सकती है।



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स्रोत और संदर्भ
Impact of fatigue as the primary determinant of functional limitations among patients with post-COVID-19 syndrome: a cross-sectional observational study


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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