महामारी में पूरी दुनिया की परिस्थितियां एक जैसी हो गई हैं। न्यूयॉर्क से लेकर यूरोप, लंदन से लेकर भारत तक सभी लोग लॉकडाउन के समान अहसास से गुजर रहे हैं। अधिकतर लोग घरों में कैद हैं और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए समय बिता रहे हैं। आसपास बढ़ते कोरोना मरीजों और मरने वालों की संख्या देखकर-सुनकर लोग घबराए हुए हैं। कोई तनाव में है तो किसी को अकेलापन सता रहा है और नकारात्मक भावनाएं बढ़ रही हैं। इसके बावजूद अपने आसपास गौर करें तो ऐसे कई पहलू हैं, जो आपको फौरन सकारात्मक ऊर्जा दे सकते हैं।
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लॉकडाउन में सकारात्मक और खुश रहना है तो अपनाएं ऐसी दिनचर्या, करें ये पांच काम
Thu, 14 May 2020 10:10 AM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Thu, 14 May 2020 10:10 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pexels
प्रतीकात्मक तस्वीर
करें आकलन
- कई हफ्तों से घर से दफ्तर का कामकाज निपटाते हुए पत्नी, बच्चों और माता-पिता के साथ समय बिता रहे हैं। सामान ऑनलाइन डिलीवरी के जरिए उपलब्ध हो रहा है। नई किताबें पढ़ रहे हैं या फिल्में देख रहे हैं। रिश्तेदारों या दोस्तों से वीडियो चैट कर पा रहे हैं। लेकिन उन श्रमिकों या गरीबों के बारे में सोचिए, जो घर नहीं पहुंच पाए या पहुंचते-पहुंचते संक्रमित हो गए और जिनके पास रहने को छत नहीं है। भोजन या मास्क, साबुन, सैनिटाइजर जैसे साधन नहीं हैं। गरीबों और आवश्यक सेवाओं में जुटे लोगों से तुलना करेंगे तो पता लगेगा कि घर में सुरक्षित रहना बड़ी सुविधा है।
वीडियो कॉल(प्रतीकात्मक तस्वीर)
सभी दोस्त करें एक-सा काम
- कई हफ्तों से दोस्तों या परिचितों से न मिलने के कारण दूरी का अहसास होने लगता है। इसके लिए हफ्ते में एक ऐसा दिन निर्धारित करें, जब आप सभी एक जैसी गतिविधियां करें। मसलन, रविवार को आप सभी कोई निर्धारित फिल्म देखें, किताब पढ़ें या समान व्यंजन बनाएं। फिर देर शाम या रात को फोन पर अनुभव और विचार साझा करें। सभी ऑनलाइन कोई गेम, संगीत, कविता-कहानी या अंताक्षरी रख सकते हैं। बच्चों के साथ ऑनलाइन कॉम्पीटिशन रखा जा सकता है। स्कूल-कॉलेज के दिनों के दोस्तों, पूर्व सहकर्मियों का हालचाल जानने को फोन कर लें।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : pixa
पहले जैसी ही दिनचर्या बरकरार रखें
- आप लॉकडाउन में पहले जैसी दिनचर्या रखकर ऊर्जावान रह सकते हैं। जैसे पहले अगर आप ऑफिस जाने के लिए सुबह छह बजे उठते थे तो अब भी उसी वक्त उठें। व्यायाम करें। चाय-कॉफी लेते हुए खबरें जान लें। निर्धारित समय पर नाश्ता करें और फिर कामकाज संभालें। समय पर लंच और टी ब्रेक लेें। शाम को छत पर टहलें। प्रकृति से नजदीकी बहुत सहायक होती है। शाम का खाना जल्दी खाएं ताकि जल्दी सो सकें।
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शरीर की देखभाल (प्रतीकात्मक तस्वीर)
अपने शरीर की देखभाल में भी लगाएं समय
- कामकाजी जीवन में उलझनों का असर अधिकांश लोगों के शरीर पर पड़ता है। शारीरिक और मानसिक बीमारियां शरीर को घेर लेती हैं। लॉकडाउन ऐसा वक्त है, जब आप खुद को डिटॉक्सिफाई कर सकते हैं। मसलन, अगर वजन ज्यादा है तो एक लक्ष्य बनाकर उसे घटाएं। मानसिक तनाव है तो प्राणायाम और ध्यान का एक समय तय रखें। पेंटिंग, गार्डनिंग से लेकर शतरंज, गाना-बजाना या खाना पकाने जैसी रुचियां छूट गई हों तो उन्हें जिंदा करें।