स्वस्थ रहने के लिए कई तरहों के उपाय किए जाते हैं, उन्हीं उपायों में से एक है इंटरमिटेंट फास्टिंग। यूं तो इंटरमिटेंट फास्टिंग बहुत फायदेमंद साबित होती है, परंतु ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि ये सभी के लिए लाभकारी साबित हो। कुछ लोगों को इससे फायदा होता है तो कुछ लोगों को नुकसान। आइए, सबसे पहले आपको बताते हैं इंटरमिटेंट फास्टिंग क्या है?
Intermittent Fasting: इंटरमिटेंट फास्टिंग से दूर रहें ये लोग, नहीं तो हो सकता है नुकसान
जिन लोगों को खाने का विकार हो (ईटिंग डिसॉर्डर)
- इंटरमिटेंट फास्टिंग उन लोगों को नहीं करनी चाहिए, जिन्हें ईटिंग डिसॉर्डर हो। इस डाइट में अनुशासित तरीके से भोजन करना होता है। अगर आपको ईटिंग डिसॉर्डर है तो इंटरमिटेंट फास्टिंग करना आपके लिए परेशानियां बढ़ा सकता है।
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गर्भवती महिलाएं
- गर्भवती महिलाओं को फास्ट नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को पोषण युक्त डाइट लेनी चाहिए, क्योंकि गर्भवती होने का मतलब है कि आप अकेले नहीं है आपके गर्भ में एक बच्चा है, जिसका ख्याल आपको रखना है। ऐसे में फास्ट रखने का मतलब है खुद के साथ ही होने वाली संतान को भी नुकसान पहुंचाना। इंटरमिटेंट फास्टिंग गर्भवती महिलाओं को नहीं करनी चाहिए।
जिन लोगों को टाइप- 1 डायबिटीज हो
- शोधों के अनुसार फास्टिंग करने से डायबिटीज को नियंत्रण में रखा जा सकता है। परंतु अगर डायबिटीज की समस्या गंभीर है, और व्यक्ति इंसुलिन पर निर्भर है तो फास्ट नहीं करना चाहिए। इंटरमिटेंट फास्टिंग वही डाइबिटीज के मरीज करें, जिनकी समस्या गंभीर नहीं है। ऐसे में किसी डॉक्टर से संपर्क कर सलाह लेना ज्यादा बेहतर रहेगा।
एथलीट या खेलों से जु़ड़े लोगों को
- एथलीट या जो लोग खेलों से जुड़े हुए होते हैं, उन्हें इंटरमिटेंट फास्टिंग नहीं करनी चाहिए। ऐसे लोगों को शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, इनका अलग डाइट प्लान होता है। इन्हें फास्टिंग नहीं करनी चाहिए।