टाइप-2 डायबिटीज वैश्विक स्तर पर बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसके दुनियाभर में करीब 529 मिलियन (करीब 53 करोड़) लोग शिकार हैं। वैज्ञानिकों ने चिंता जताते हुए कहा है कि जिस तरह से डायबिटीज का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है ऐसे में आशंका है कि साल 2050 तक रोगियों की संख्या बढ़कर 1.3 बिलियन (130 करोड़) से अधिक हो सकती है। डायबिटीज स्वयं तो एक गंभीर बीमारी है ही साथ ही इसके कारण कई प्रकार की और भी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा भी हो सकता है।
Latest Study: टाइप-2 डायबिटीज वालों में इस कैंसर का जोखिम अधिक, डॉक्टर बोले- महिलाएं बरतें विशेष सावधानी
एंडोमेट्रियल कैंसर का जोखिम
यूनाइटेड किंगडम के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया कि जिन महिलाओं को टाइप-2 डायबिटीज है, उनमें एंडोमेट्रियल कैंसर से मृत्यु का का जोखिम 1.5% अधिक हो सकता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि एंडोमेट्रियल कैंसर वाले अन्य रोगियों की तुलना में जिन महिलाओं में टाइप-2 डायबिटीज के साथ ये समस्या थी, उनमें स्थिति के गंभीर रूप लेने का खतरा भी अधिक देखा गया।
चीनी शोधकर्ताओं ने बताया कि ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि हाई ग्लूकोज की उपस्थिति में एंडोमेट्रियल कैंसर बढ़ सकता है और इसके अधिक गंभीर होने का भी जोखिम रहता है।
डायबिटिक रोगियों में क्यों बढ़ रहा है जोखिम
अध्ययनकर्ताओं की टीम ने पाया कि टाइप-2 डायबिटीज वाली महिलाओं में एंडोमेट्रियल कैंसर होने की आशंका 62% अधिक होती है। इंसुलिन प्रतिरोध के कारण इन रोगियों में कैंसर कोशिकाओं के विकास को बढ़ता हुआ देखा गया है।
इस अध्ययन में शामिल रोगियों की औसत आयु 66 थी, सामान्यतौर पर वृद्ध महिलाओं में एंडोमेट्रियल कैंसर का खतरा अधिक पाया गया है, हालांकि शोधकर्ताओं ने कहा है कि इसका जोखिम किसी को भी हो सकता है इसलिए सभी डायबिटिक रोगियों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है।
क्या कहती हैं अध्ययनकर्ता?
यूके में मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी में ऑन्कोलॉजी की प्रोफेसर एम्मा क्रॉस्बी कहती हैं, हमारे निष्कर्षों से संकेत मिलता है कि रजोनिवृत्ति के बाद मधुमेह से पीड़ित महिलाओं में एंडोमेट्रियल कैंसर के लिए जांच जरूर की जानी चाहिए।
कुछ और प्रकार के जोखिम कारक जैसे फैमिली हिस्ट्री, मोटापा, जल्दी मासिक धर्म होन, रजोनिवृत्ति में देरी, पहले से स्तन या ओवेरियन कैंसर और हार्मोनल रिप्लेसमेंट थेरेपी लेने वालों में भी इसका खतरा और अधिक हो सकता है। इसके अलावा कुछ प्रकार के जीन में म्यूटेशन को भी महिलाओं में इस कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाला पाया गया है।
कैसे करें कैंसर के जोखिमों से बचाव?
कोरियाई अध्ययनकर्ताओं ने बताया, मधुमेह रोगियों में एंडोमेट्रियल कैंसर के लिए सावधानीपूर्वक जांच करनी चाहिए। रोग का जितनी जल्दी पता चलेगा उसका इलाज करना उतना ही आसान होगा। इस प्रकार के स्वास्थ्य जोखिमों से बचाव के लिए लाइफस्टाइल को ठीक रखना भी बहुत आवश्यक हो जाता है।
स्वस्थ और पौष्टिक आहार के सेवन के साथ नियमित व्यायाम की आदत न सिर्फ डायबिटीज के खतरे को कम करने में मददगार हो सकती है साथ ही ये आदतें कैंसर के जोखिमों से बचाने में भी लाभकारी हैं। कैंसर और डायबिटीज दोनों ही गंभीर स्थितियां हैं, जिनसे बचाव के लिए निरंतर प्रयास किए जाते रहने चाहिए।
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स्रोत और संदर्भ
Inequalities in cancer mortality trends in people with type 2 diabetes: 20 year population-based study in England
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