महिलाएं बढ़ते वजन को लेकर काफी चिंतित रहती हैं। आमतौर पर महिलाओं का मानना होता है कि थायरॉइड के कारण वजह बढ़ता है, लेकिन ऐसा नहीं है। थायरॉइड के अलावा और भी कई हॉर्मोन्स होते हैं, जिनके कारण वजन बढ़ने लगता है। हाल ही में आई एक रिसर्च के अनुसार ब्रेन हॉर्मोन के कारण भी वजन बढ़ता है। बता दें कि हमारे शरीर में मौजूद कोई भी हॉर्मोन्स असंतुलित होता है तो मोटापा बढ़ने लगता है। इसलिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि फिट रहने के लिए किस तरह हॉर्मोन्स को नियंत्रित रखें।
सिर्फ थायरॉइड के कारण नहीं महिलाओं में इन वजहों से भी बढ़ता है मोटापा
थायरॉइड हॉर्मोन्स
गर्दन के पास मौजूद थायरॉइड ग्लैंड्स तीन अलग-अलग तरह के हॉर्मोन्स बनाता है, जिसमें टी3, टी4 और कैलसीटोनिन। ये सभी हॉर्मोन्स हमारी नींद, मेटाबॉलिज्म, हार्ट रेट और ब्रेन को नियंत्रित करते हैं। इसके अलावा कभी-कभी थायरॉइड ग्लैंड थायरॉइड हॉर्मोन प्रोड्यूस करने लगता है, जिससे हाइपोथायरॉडिज्म को बढ़ावा देता है। हाइपोथायरॉडिज्म वजन बढ़ाने, डिप्रेशन और उच्च ब्लड कोलेस्ट्रॉल से जुड़ा है। इसके अनियंत्रित होने से 5 से 10 किलो वजन बढ़ सकता है। इसको नियंत्रित करने के लिए आप आयोडाइज्ड नमक का कम इस्तेमाल करें। साथ ही विटामिन डी सप्लिमेंट्स का सेवन अधिक मात्रा में करें। साथ ही जिंक से भरपूर भोजन खाएं।
हंगर हॉर्मोन्स
हंगर हॉर्मोन्स को घ्रेलिन हॉर्मोन के नाम से भी जाना जाता है। ब्लड स्ट्रीम में घ्रेलिन हॉर्मोन का स्तर ज्यादा होने से वजन बढ़ने लगता है। इसके अलावा लोग जब स्ट्रिक्ट डायट पर होते हैं तो भी ये हॉर्मोन्स बढ़ सकता है। इसको नियंत्रित करने के लिए हर दो से तीन घंटे में थोड़ा-थोड़ा खाएं। इसके अलावा खाने से पहले पानी जरूर पिएं। साथ ही कसरत भी रोजाना करें।
मेलाटोनिन हॉर्मोन
मेलाटोनिन हॉर्मोन के अनियंत्रित होने पर महिलाओं में तेजी से वजन बढ़ने की समस्या शुरू हो जाती है। ये हॉर्मोन हमारी नींद और जगाने की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है। इस हॉर्मोन को नियंत्रित करने के लिए सबसे पहले आप ज्यादा देर रात में कुछ भी खाने से बचें। इसके अलावा अच्छी नींद लें। और इस बात का भी ध्यान रखें कि जिस कमरे में अंधेरा हो, ऐसे ही कमरे में अपनी नींद पूरी करें।
प्रोजेस्टेरॉन हॉर्मोन
शरीर में मौजूद प्रोजेस्टेरॉन का स्तर गर्भनिरोधक गोलियों और मेनोपॉज की समस्या की वजह से कम हो सकता है, जिससे तेजी से वजन बढ़ने लगता है। इसको नियंत्रित करने के लिए रोजाना एक्सरसाइज करें, तनाव लेने से बचें। प्रतिदिन मेडिटेशन की आदत डालें।