पिछले कुछ हफ्तों से भारत में कोरोना संक्रमण के दैनिक मामलों में उतार-चढ़ाव लगातार जारी है। एक हफ्ते से अधिक समय से दैनिक मामले 13 हजार या उससे ऊपर बने हुए हैं। गुरुवार को 4 महीने में पहली बार संक्रमण के आंकड़े 17 हजार से भी अधिक रिकॉर्ड किए गए, हालांकि पिछले 24 घंटे में यह आंकड़ा 11739 के करीब रहा।
Covid-19: शोधकर्ताओं की चेतावनी- अगर इसी तरह जारी रही महामारी तो इस बीमारी के मामलों में आ सकता है भारी उछाल
शरीर के कई अंगों पर हो रहा है संक्रमण का दुष्प्रभाव
कोरोना संक्रमण के कारण होने वाली समस्याओं के बारे में जानने के लिए अध्ययन कर रही शोधकर्ताओं की टीम का कहना है कि भले ही आपमें कोरोना का हल्का संक्रमण ही क्यों न हो, इससे शरीर के कई अंगों पर गंभीर दुष्प्रभाव हो सकता है।
अध्ययनों में ऐसे भी मामले देखने को मिले हैं जिसमें बिना लक्षण वाले लोगों में भी लॉन्ग कोविड की समस्या देखी जा रही है। वहीं जिन लोगों को गंभीर संक्रमण के कारण अस्पताल या आईसीयू में भर्ती रहना पड़ा था उनमें लिवर-किडनी और फेफड़ों से संबंधित गंभीर दीर्घकालिक समस्याएं देखने को मिल रही हैं।
किडनी को नुकसान पहुंचा रहा है वायरस
मेडिकल रिपोर्ट में छपी एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया है कि कार्डियोवैस्कुलर बीमारी, मधुमेह, मोटापा और उच्च रक्तचाप के साथ कोरोना संक्रमण के शिकार रह चुके ज्यादातर लोगों में क्रोनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) की समस्या भी देखी जा रही है। कुछ अध्ययनों में तो यहां तक भी जिक्र मिलता है कि कोविड-19 की जटिलताएं किडनी फेलियर जैसी समस्या का भी कारण बन सकती हैं।
कोरोनावायरस का किडनी पर असर
जॉन्स हॉपकिन्स मेडिसिन की एक रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने बताया कि कोविड-19 के दौरान गंभीर लक्षणों के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले रोगियों में से 30 प्रतिशत में किडनी इंजरी की समस्या देखी गई है। कोविड-19 की जटिलताओं के कारण किडनी फेलियर की दिक्कत भी काफी बढ़ जाती है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि कोविड-19 के गंभीर मामलों में आमतौर पर रोगियों को निमोनिया हो जाता है जिसके परिणामस्वरूप रक्त में ऑक्सीजन का स्तर कम हो सकता है। यह असामान्य ऑक्सीजन स्तर किडनी की समस्याओं का कारण बन रही है। इसका अगर समय रहते निदान और इलाज न किया जाए तो कि़डनी फेलियर जैसी गंभीर समस्याएं भी हो सकती है, जिसे जानलेवा माना जाता है।
विशषज्ञों ने किया अलर्ट
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के बढ़ते मामलों को हल्के में लेने की गलती न करें, न ही खुद को सुरक्षित समझें। जिस तरह के नए-नए वैरिएंट्स सामने आ रहे हैं ऐसे में यह वैक्सीनेटेड लोगों के लिए भी मुसीबतों का कारण बने हुए हैं। संक्रमण से हर स्थिति में बचाव करते रहने सबसे आवश्यक है।
कोरोना संक्रमण के कारण होने वाली किडनी की समस्याएं भयानक दुष्प्रभावों का कारण बन सकती हैं। ऐसे में सभी लोगों को लगातार कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करते रहना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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