फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

मेडिकल साइंस का कमाल: सुअर की किडनी ने 271 दिनों तक बचाए रखी इंसान की जान, दुनिया का पहला 'ब्रिज ट्रांसप्लांट'

Sat, 05 Sep 2026 10:03 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sat, 05 Sep 2026 10:03 PM IST
सार

अमेरिका में 66 वर्षीय किडनी फेलियर मरीज के शरीर में 69 जेनेटिक बदलाव वाली सुअर की किडनी लगाई गई। किडनी ने 271 दिनों तक काम किया और मरीज डायलिसिस से दूर रहा। बाद में उसे इंसानी डोनर की किडनी मिल गई। यह मामला भविष्य में किडनी की कमी दूर करने की नई उम्मीद जगाता है।

विज्ञापन
Genetically modified pig kidney kept old man life for nine months befor received human donor kidney
इंसान में सुअर की किडनी - फोटो : Amarujala.com/AI

दुनियाभर में हर साल लाखों लोगों की मौत समय पर जरूरी अंग न मिलने या ट्रांसप्लांट न हो पाने के कारण हो जाती है। भारत की बात करें तो हर साल ट्रांसप्लांट के लिए जरूरी अंगों की कमी के कारण करीब पांच लाख लोगों की जान चली जाती है। हर दिन कम से कम 15 लोगों की मौतों का एक बड़ा कारण अंगों की कमी है।



स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अंगदान को लेकर अब लोगों में जागरूकता बढ़ी है, फिर भी जरूरी अंगों की उपलब्धता और आवश्यकता के बीच इतना अंतर है, जिसे पूरा कर पाना बड़ी चुनौती है।

इन्हीं समस्याओं के बीच मेडिकल साइंस ने एक बड़ी राहत की खबर दी है। अमेरिका के मास जनरल ब्रिघम के डॉक्टरों ने आनुवंशिक रूप से बदले गए सुअर की किडनी 66 वर्षीय टिम एंड्रयूज में ट्रांसप्लांट की। 25 जनवरी 2025 को हुए ट्रांसप्लांट के बाद किडनी ने तुरंत काम करना शुरू कर दिया और 271 दिन तक काम करती रही, जो अब तक का सबसे लंबा रिकॉर्ड है। अक्तूबर 2025 में इंसान की किडनी मिलने के बाद एंड्रयूज में नई किडनी लगाई गई है।

इस खबर ने दुनियाभर में ऑर्गन डोनर्स की कमी के बीच नई उम्मीद जगा दी है।

Genetically modified pig kidney kept old man life for nine months befor received human donor kidney
किडनी ट्रांसप्लांटेशन - फोटो : Adobe Stock

पहले पूरा मामला जान लीजिए

अमेरिका में 66 वर्षीय टिम एंड्रयूज की टाइप-2 डायबिटीज के कारण किडनी की बीमारी लास्ट स्टेज में पहुंच चुकी थी। उनके लिए तत्काल इंसानी किडनी मिलने की संभावना बेहद कम थी और डायलिसिस के साथ लंबा इंतजार करना भी जोखिम भरा था। फिर डॉक्टरों ने एक ऐसा फैसला लिया, जो कुछ साल पहले तक किसी साइंस फिक्शन फिल्म की कहानी जैसा लगता।
 

  • जनवरी 2025 में एंड्रयूज के शरीर में एक सुअर की किडनी ट्रांसप्लांट की गई। वैज्ञानिकों ने उस सुअर के आनुवंशिक ढांचे में 69 बदलाव किए, ताकि उसका अंग इंसानी शरीर के लिए अनुकूल बनाया जा सके और संक्रमण तथा अंग के रिजेक्ट होने का खतरा कम हो।


सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि यह किडनी करीब 271 दिनों तक काम करती रही और इस दौरान एंड्रयूज लगभग नौ महीने तक बिना डायलिसिस के स्वस्थ रहे। इस दौरान वह खाना बना सकते थे, घर की सफाई कर सकते थे। उनके लिए यह सिर्फ एक मेडिकल प्रयोग नहीं था, बल्कि लंबे समय बाद सामान्य जिंदगी में लौटने का मौका था।

बाद में लगाई गई इंसान की किडनी

हालांकि छह महीने बाद सुअर की किडनी की रक्त वाहिकाओं में कुछ डैमेज दिखना शुरू हुआ और कुछ समय बाद उसे शरीर से निकालना पड़ा। इसके बाद एंड्रयूज को स्वस्थ रखने के लिए डॉक्टरों को फिर से डायलिसिस का सहारा लेना पड़ा। इस बीच एक इंसानी डोनर की किडनी मिल गई, जो ट्रांसप्लांट होने के छह महीने बाद अब अच्छी तरह काम कर रही है।

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि सुअर की किडनी को डॉक्टरों ने एक ब्रिज ट्रांसप्लांट यानी पुल की तरह इस्तेमाल किया। मसलन सुअर की किडनी ने जिंदगी को उस समय तक संभाले रखा, जब तक इंसानी किडनी उपलब्ध नहीं हो गई। अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या आने वाले समय में किडनी ट्रांसप्लांट के लंबे इंतजार से परेशान मरीजों के लिए सुअर की किडनी अस्थायी सहारा बन सकती है? 

एंड्रयूज इसे 'चमत्कार' बताते हैं। उनका कहना था कि इस ट्रांसप्लांट के बाद उन्हें ऐसा लगा जैसे  फिर से नई जिंदगी मिल गई हो। 

Genetically modified pig kidney kept old man life for nine months befor received human donor kidney
किडनी ट्रांसप्लांट को लेकर बड़ी जानकारी - फोटो : Freepik.com

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

गौरतलब है कि इंसानी डोनर अंगों की कमी ट्रांसप्लांट मेडिसिन की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। आखिरी-स्टेज की किडनी की बीमारी वाले मरीजों के लिए किडनी ट्रांसप्लांट को डायलिसिस की तुलना में बेहतर इलाज माना जाता है, लेकिन जरूरत के मुकाबले इंसानी किडनी उपलब्ध नहीं हैं।

मैसाचुसेट्स जनरल ब्रिघम के सेंटर फॉर ट्रांसप्लांटेशन साइंसेज और नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉ. लियोनार्डो रिएला कहते हैं- 

समय पर अंगों की कमी ट्रांसप्लांट के क्षेत्र का सबसे बड़ा संकट है। जेनोट्रांसप्लांटेशन (एक प्रजाति के अंग को दूसरी प्रजाति के शरीर में ट्रांसप्लांट करना) इस कमी को दूर करने में मदद कर सकता है। शुरुआत में इसका इस्तेमाल ऐसे मरीजों के लिए 'ब्रिज' के रूप में किया जा सकता है, जिन्हें इंसानी किडनी मिलने तक डायलिसिस से दूर रखना जरूरी है।

भविष्य में, अगर वैज्ञानिक यह साबित कर पाते हैं कि ऐसी किडनियां लंबे समय तक सुरक्षित और प्रभावी ढंग से काम कर सकती हैं, तो संभव है कि सुअर की किडनी खुद एक स्थायी भी बन सके।

विज्ञापन
विज्ञापन
Genetically modified pig kidney kept old man life for nine months befor received human donor kidney
चमत्कारी ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन - फोटो : Amarujala.com/AI

इंसान के शरीर में एकसाथ ट्रांसप्लांट हुआ सुअर का लिवर-किडनी

इससे पहले अमर उजाला में प्रकाशित एक रिपोर्ट में हमने बताया था कि किस तरह से पहली बार इंसान के शरीर में एकसाथ  सुअर का लिवर-किडनी ट्रांसप्लांट किया गया था।

चीन के शोधकर्ताओं और डॉक्टर्स की टीम ने दुनिया का पहला मल्टी-ऑर्गन पिग-टू-ह्यूमन ट्रांसप्लांट किया था। शोध के तौर पर ये अंग 53 वर्षीय व्यक्ति को लगाए गए थे जो पहले से ही ब्रेन-डेड था। जेनेटिक तौर पर तैयार ट्रांसप्लांट किए गए सुअर के दोनों अंगों ने लगभग पांच दिनों तक बेहतर तरीके से काम किया था। पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।



--------------
स्रोत:
Porcine kidney xenotransplantation as a bridge to allotransplantation: a first-in-human study

First pig liver and kidneys transplanted into a person — could ease organ shortages

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed