मच्छरों के कारण होने वाले रोग के चलते हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। डेंगू, जीका वायरस जैसे रोगों के लिए अब तक कोई टीका और विशिष्ट उपचार भी नहीं है। इसके रोगियों को उपचार के तौर पर सहायक चिकित्सा दी जाती रही है। अब इस दिशा में बड़ी खबर सामने आ रही है। यूएस हेल्थ अथॉरिटी ने गुरुवार को चिकनगुनिया के लिए दुनिया के पहले टीके को मंजूरी दे दी है। यह वायरस संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलता है जिसे फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने दुनियाभर के लिए एक 'उभरता हुआ वैश्विक स्वास्थ्य खतरा' बताया है।
खुशखबरी: मच्छरों से होने वाले इस रोग के लिए पहली वैक्सीन को मंजूरी, हर साल लाखों लोग होते हैं इसके शिकार
डेढ़ दशक में 50 लाख से अधिक हुए हैं चिकनगुनिया के शिकार
एफडीए की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक यूरोप के वलनेवा कंपनी द्वारा विकसित वैक्सीन-इक्स्चिक, दुनियाभर में हर साल होने वाले चिकनगुनिया के जोखिमों को कम करने में मददगार हो सकती है। अमेरिकी दवा नियामक द्वारा इक्स्चिक वैक्सीन को हरी झंडी मिलने से उन देशों में टीके के उन देशों में जल्द ही रोलआउट में तेजी आने की उम्मीद है, जहां वायरस सबसे अधिक प्रचलित है। एफडीए ने कहा, हालांकि, चिकनगुनिया वायरस दुनिया के कई देशों में फैल गया है, जिससे बीमारी के वैश्विक प्रसार में वृद्धि हुई है। पिछले 15 वर्षों में 5 मिलियन से अधिक मामले सामने आए हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
एफडीए के वरिष्ठ अधिकारी पीटर मार्क्स कहते हैं, "चिकनगुनिया वायरस के संक्रमण से गंभीर बीमारी और लंबे समय तक स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, खासकर वृद्ध वयस्कों और अंतर्निहित चिकित्सा स्थितियों वाले व्यक्तियों के लिए यह रोग गंभीर जटिलताओं वाला हो सकता है। टीके की मंजूरी, इस रोग को लेकर चिकित्सा आवश्यकता को संबोधित करती है। इस रोग के सीमित उपचार विकल्पों के कारण पिछले कुछ दशकों में इसका खतरा बढ़ा हुआ देखा गया है।
कितनी कारगर है ये वैक्सीन?
विज्ञप्ति के मुताबिक वैक्सीन को एक खुराक में इंजेक्ट किया जाएगा। टीके में चिकनगुनिया वायरस का जीवित पर कमजोर वायरस होता है, ये शरीर को इस रोग के प्रति एंटीबॉडीज विकसित करने में मदद करेगा, जिससे संक्रमण की स्थिति में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली आसानी से रोगजनकों की पहचान कर उससे मुकाबला कर सके।
उत्तरी अमेरिका में 3,500 लोगों पर इसके दो क्लिनिकल परीक्षण किए गए, जिसमें ये रोग के खतरे को कम करने में कारगर पाई गई है। वैक्सीन लेने वाले लोगों में सिरदर्द, थकान, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, बुखार और मतली जैसे हल्के दुष्प्रभाव रिपोर्ट किए गए।
चिकनगुनिया और इसके कारण होने वाली समस्याएं
गौरतलब है कि चिकनगुनिया होने पर रोगी को बुखार और गंभीर जोड़ों में दर्द की समस्या होती है। ये जोड़ों में सूजन या शरीर पर दाने-चकत्ते जैसी समस्याओं का भी कारण बन सकती है। कुछ लोगों में रोग से ठीक होने के लंबे समय बाद तक भी कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं देखी जाती रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों को उम्मीद है कि इस टीके से हर साल चिकनगुनिया के कारण स्वास्थ्य क्षेत्र पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
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स्रोत और संदर्भ
FDA Approves First Vaccine to Prevent Disease Caused by Chikungunya Virus
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