भारत सहित दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में चाय, सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले पेय में से एक है। भारत, चाय के उत्पादन और सेवन, दोनों में ही विश्व के शीर्ष देशों में शुमार है। चीन के बाद भारत, दुनिया का सबसे बड़ा चाय उत्पादक देश है।
International Tea Day: क्या चाय पीने से कम होता है हृदय रोगों का जोखिम? जानिए इसके फायदे और नुकसान
चाय को लेकर किए गए अध्ययन
चाय से सेहत पर होने वाले प्रभाव को जानने के लिए कई अध्ययन किए गए। ज्यादातर शोध के परिणाम बताते हैं कि चाय का संयमित सेवन करना वास्तव में आपके स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है।
यरोपियन जर्नल ऑफ प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन में चीन में एक लाख से अधिक वयस्कों को शामिल किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग नियमित रूप से चाय पीते थे, उनमें एथेरोस्क्लेरोटिक कार्डियोवैस्कुलर बीमारी विकसित होने या इसके कारण होने वाली मौत का जोखिम कम पाया गया। वैज्ञानिकों ने पाया कि चाय में मौजूद यौगिक, रक्तचाप को कम करने में मदद करते हैं, जो व्यक्ति में स्ट्रोक से मरने के जोखिम को कम कर सकती है।
एंटीऑक्सिडेंट्स की मौजूदगी
अध्ययनों से पता चलता है कि चाय में एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर में कई प्रकार की बीमारियों और कोशिकाओं को होने वाली क्षति के जोखिम से बचा सकते हैं। एंटीऑक्सिडेंट्स, शरीर को फ्री-रेडिकल्स से होने वाले जोखिम से बचाकर शरीर की कोशिकाओं को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। शोध से पता चलता है कि एंटीऑक्सिडेंट्स कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारियों के जोखिम को कम कर सकती है।
हार्वर्ड अध्ययन में क्या पता चला?
हार्वर्ड टी.एच चेन स्कूल द्वारा किए गए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि चाय में हाई पॉलीफेनोल सामग्री पाई जाती है जिसके कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं। मानवों पर किए गए अध्ययन में भी इसके परिणाम देखने को मिले हैं। अवलोकन संबंधी शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि रोजाना 2-3 कप चाय का सेवन समय से पहले मृत्यु, हृदय रोग, स्ट्रोक और टाइप-2 मधुमेह के जोखिम को कम कर सकता है।
चाय के नुकसान
चाय के फायदों के साथ-साथ कुछ अध्ययनों में ज्यादा मात्रा में चाय पीने को सेहत के लिए कई तरह से नुकसानदायक भी बताया है। अलग-अलग अध्ययनों में पाया गया कि शारीरिक स्थिति और क्षमता को नजरअंदाज करते हुए दिन में बहुत अधिक चाय के सेवन के कारण आयरन के अवशोषण में कमी, चिंता, तनाव और बेचैनी और नींद की समस्या, मतली और पेट में जलन तथा कुछ मामलों में गर्भावस्था की जटिलताएं हो सकती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर चाय का संयमित मात्रा में सेवन किया जाता है तो इसके ज्यादा नुकसान नहीं है, हालांकि इसकी लत या अधिक सेवन कुछ प्रकार की समस्याओं को बढ़ा सकती है।
----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।