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एक्सपायर हो चुकी दवाइयों को ऐसे करें नष्ट, नहीं तो पहुंचा सकती है नुकसान

Sun, 12 Jan 2020 01:04 PM IST
नवनीत राठौर लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: नवनीत राठौर Updated Sun, 12 Jan 2020 01:04 PM IST
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how to recycle unwanted and expired medicine
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

एक्सपायर हो चुकी या खराब हो चुकी दवाईयों का आप क्या करते हैं? कूड़ेदान में फेंक देते हैं? अतुल गर्ग भी हमेशा से यही करते थे। अपने घर की बची हुई और एक्सपायर हो चुकी दवाईयों को कूड़ेदान में फेंक देते थे। लेकिन इस बार जब घर की सफाई करते हुए उन्हें ऐसी दवाइयां मिली तो कूड़ेदान में डालने से पहले उनके जहन में एक सवाल आया। उन्होंने खुद से पूछा कि दवाइयों को इस तरह कूड़ेदान में फेंकना सही है? उन्होंने सोचा कि एक्सपायर हो चुकी दवाइयां जब कूड़े समेत डंपिंग ग्राउंड पहुंचेगी, तो क्या पर्यावरण, जीव-जंतुओ और जल पर इसका बुरा असर नहीं पड़ेगा?



क्या इन दवाइयों को नष्ट करने का कोई सुरक्षित तरीका है?
अतुल के ये सारे सवाल वाजिब हैं, क्योंकि उनकी ही तरह सभी लोग बची हुई और एक्सपायर हो चुकी दवाइयों को आम कूड़े की तरह फेंक देते हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

दवाइयों को खत्म करने का सही तरीका
दवाइयों वैसे तो बीमारियों को ठीक करने के लिए इस्तेमाल में आतीं हैं। लेकिन अगर ये दवाइयां काम की ना रहे तो इन्हें सही तरीके से डिसपोस करना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर दवाइयां नुकसान दायक हो सकतीं हैं। इसके लिए भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बाकायदा नियम बनाएं हैं। हालांकि बहुत कम लोगों को इसकी जानकारी है। नियमों के मुताबिक एक्सपायर, अनावश्यक और इस्तेमाल ना की गई दवाइयों को नष्ट करने के लिए सरकार मेडिसिन टेक-बैक प्रोग्राम चलाती है।

इस टेक बैक प्रोग्राम के तहत आप अपने घर में बची और एक्सपायर हो चुकी दवाईयों को स्थानीय प्रशासन को दे सकते हैं। अपने इलाके के मेडिसिन टेक-बैक प्रोग्राम के बारे में जानने के लिए आप अपने शहरी प्रशासन की घरेलू कचरा प्रबंधन या रीसाइक्लिंग सेवा से संपर्क भी कर सकते हैं। अपने नजदीकी फार्मासिस्ट से भी मेडिसिन डिस्पोसल के तरीकों के बारे में जानकारी ले सकते हैं। अगर आपके इलाके में किसी तरह का टेक-बैक प्रोग्राम नहीं होता तो आप इस आसान तरीके से घर में दवाइयों को नष्ट कर सकते हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

घर पर दवाई नष्ट करने का तरीका

  • टैबलेट या कैप्सूल को साबूत किसी पदार्थ जैसे इस्तेमाल की हुई चायपत्ति के साथ मिलाएं।
  • ध्यान रहे टैब्लेट या कैप्सूल को क्रश न करें।
  • इस मिश्रण को प्लास्टिक बैग में डालकर अच्छे से सील कर दें।
  • इसके बाद प्लास्टिक बैग को घरेलू कचरे के साथ फेंक सकते हैं।
  • मतलब ये कि टैबलेट और कैप्सूल को खुले में न फेंके।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

कब करें दवाइयों को फ्लश
कुछ खास दवाइयों को नष्ट करने का अलग तरीका भी होता है। नियमों के मुताबिक कुछ एक ऐसी दवाइयां हैं जिन्हें फ्लश करने के निर्देश दवाइयों पर लिखे होते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वो बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा सकतीं हैं। कोई और उन दवाईयों का एक भी डोज ले ले तो नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए इस तरह की कुछ दवाईयों पर निर्देश दिया होता है कि जरूरत ना होने या एक्सपायर होने पर इसे फ्लश कर दिया जाए। अब सवाल ये भी हो सकता है कि किन दवाइयों को फ्लश करना है और किन दवाइयों को घर के कचरे के साथ फेंके। इसके लिए सबसे आसान सा तरीका है, DailyMed नाम की वेबसाइट। फार्मासूटिकल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के मुताबिक इस बेबसाइट पर आप दवाइयों का नाम डालकर उसे नष्ट करने के तरीके के बारे में जान सकते हैं। फार्मासूटिकल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

जरूरतमंदो को मुफ्त में दवाइयां
कुछ दवाइयां एक्सपायर होने के बाद खराब हो जाती है। लेकिन कुछ दवाइयां बीमारी ठीक होने के बाद बच जाती हैं। ये दवाइयां आपके ना सही लेकिन किसी और के काम जरूर आ सकती हैं। 'मेडिसिन बाबा' के नाम से मशहूर दिल्ली के ओमकार नाथ बीते 10 सालों से घर-घर जाकर लोगों से बची हुई दवाइयां इक्कठा करते हैं। फिर इन दवाइयों को जरूरतमंद लोगों को दे देते हैं। वो दवाइयां उन्हीं लोगों को देते हैं जिनके पास डॉक्टर के पर्चे पर वो दवाइयां लिखी होती हैं। उनके साथ एक फार्मासिस्ट काम करता है जो प्रिस्क्रिपशन के हिसाब से लोगों को दवाइयां देता है। कानून के मुतबाकि कोई व्यक्ति दवाइयां तो इक्कठा कर सकता है लेकिन उन्हें ऐसे ही बांट नहीं सकता। इसलिए मेडिसिन बाबा फार्मासिस्ट की मदद से दवाइयां जरूरतमंदो को देते हैं।

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