आपने भी अक्सर कई तरह की बीमारियों के लिए मेटाबॉलिज्म की गड़बड़ी को प्रमुख कारण के रूप में सुना होगा। मेटाबॉलिज्म की दर का सामान्य रहना संपूर्ण शरीर की सेहत और शक्ति के लिए काफी आवश्यक माना जाता है। हम जो खाते-पीते हैं, उसको पचाकर ऊर्जा में बदलने की प्रक्रिया मेटाबॉलिज्म कहलाती है, ऐसे में इस प्रक्रिया में होने वाली किसी भी तरह की दिक्कत का असर पूरे शरीर पर पड़ सकता है।
Health Tips: बेहतर सेहत के लिए मेटाबॉलिज्म का ठीक रहना बहुत आवश्यक, इन बातों का ध्यान रखकर पा सकते हैं लाभ
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व्यायाम की बनाएं आदत
शरीर के मेटाबॉलिज्म को ठीक बनाए रखने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करना बहुत आवश्यक माना जाता है। विशेषतौर पर एरोबिक व्यायाम मेटाबॉलिज्म की दर को बढ़ाने के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। शरीर को सक्रिय रखने की आदत मेटाबॉलिज्म की दर को ठीक रखने में आपके लिए काफी मददगार हो सकती है। नियमित रूप से वॉकिंग-रनिंग के अभ्यास की आदत बनाएं।
पानी पीते रहना जरूरी
कैलोरी प्रोसेस करने के लिए आपके शरीर को पानी की जरूरत होती है। ऐसे में यदि आप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पी रहे हैं तो इसके कारण मेटाबॉलिज्म रेट कम हो सकता है। एक अध्ययन में पाया गया कि जिन वयस्कों ने एक दिन में आठ या अधिक गिलास पानी पिया, अन्य लोगों की तुलना में इनमें कैलोरी बर्न अच्छी तरह से हुआ। मेटाबॉलिज्म की दर को बेहतर बनाए रखने के लिए पानी की मात्रा का विशेष ध्यान रखें।
थोड़ी-थोड़ी देर पर कुछ खाएं
भोजन के बीच में होने वाला बड़ा अंतराल भी मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है। इसलिए सभी लोगों को हर 3 से 4 घंटे में थोड़ी मात्रा में स्वस्थ और पौष्टिक चीजों का सेवन जरूर करना चाहिए। भोजन के बीच में गैप होने से सेहत पर नकारात्मक रूप से असर हो सकता है, विशेषकर जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या रहती है, ऐसे लोगों के लिए यह बड़ी समस्याओं का भी कारण बन सकती है।
आहार में प्रोटीन जरूरी
शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा के लिए तमाम प्रकार के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। विशेषज्ञों के मुताबिक शरीर की बेहतर सेहत के लिए आहार में प्रोटीन वाली चीजों को शामिल करना बहुत आवश्यक माना जाता है। संतुलित आहार के हिस्से के रूप में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों जैसे मछली, मांस, चिकन, नट्स, बीन्स, अंडे और कम फैट वाले डेयरी उत्पादों को जरूर शामिल करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।