पूरी दुनिया में लाखों लोग इस साल लॉकडाउन में रमजान के पवित्र महीने का पालन कर रहे हैं। मुस्लिम धर्म मानने वाले लोग हर साल एक चंद्र मास तक सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक बिना कुछ भी खाए-पिए रहते हैं। इसे रोजा रखना कहते हैं। यह महीना 29 या 30 दिन का होता है। इस दौरान मुसलमान नमाज पढ़ते हैं और दुआएं मांगते हैं।
कोरोना संक्रमण के दौर में कैसे रखें रमजान के रोजे ताकि बनी रहे इम्यूनिटी?
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इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है
यूनिवर्सिटी ऑफ ससेक्स की इम्यूनोलॉजिस्ट डॉ. जेना मैकिओची कहती हैं कि संक्रमण से लड़ने के लिए काफी ऊर्जा की जरूरत होती है। और लंबे वक्त तक कुछ भी खाए-पिए बग़ैर रहने से इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है। ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि जिस दौरान आपको खाने-पीने की इजाजत होती है, तब आप पर्याप्त कैलोरी ले लें। आपकी डाइट में ये चीजें शामिल होनी चाहिएः
- मैक्रो न्यूट्रिएंट्स- कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन और फैट्स
- माइक्रो न्यूट्रिएंट्स- जैसे विटामिन सी और आयरन
इसके अलावा अलग-अलग तरह का खाना भी अच्छा रहेगा। इनमें अलग-अलग रंग की सब्जियां, फल, दालें और फलियां शामिल हैं।
डॉ. मैकिओची कहती हैं कि कम या ज्यादा खाने से आपके इम्यून सिस्टम पर बुरा असर पड़ सकता है, ऐसे में आप एनर्जी बैलेंस में रहकर अपनी मदद कर सकते हैं। इसके अलावा शरीर में पानी की कमी का जोखिम भी हो सकता है। यह आपके म्यूकस पर असर डाल सकता है जो कि एक प्रोटेक्टिव बैरियर के तौर पर काम करता है।
इस दौरान आपको स्वास्थ्य के दूसरे पहलुओं पर भी नजर रखनी चाहिए। मसलन, आपको अच्छी नींद लेनी चाहिए और एक्सरसाइज करनी चाहिए। खुद को तनाव मुक्त रखने की कोशिश करनी चाहिए ताकि आपका इम्यून सिस्टम सही तरीके से काम कर सके।
आपका इम्यून सिस्टम मजबूत रहना जरूरी है क्योंकि इसी के जरिए आप इस कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में खुद को बचा सकते हैं। हाथों को अच्छी तरह से और बार-बार धोकर भी आप काफी हद तक जोखिम को कम कर सकते हैं। साथ ही घर पर रहना भी इससे बचने का एक उपाय है।
स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों से जूझ रहे लोग क्या करें?
ऐसे लोग जो पहले से किसी बीमारी का शिकार हैं, और जो कोविड-19 से जूझ रहे हैं उन्हें रोजा रखने से छूट है। डायबिटीज में मुश्किलों का सामना कर रहे और इसी तरह की दूसरी लॉन्ग-टर्म बीमारियों से पीड़ित लोगों को रोजा रखने की सलाह नहीं है।
डायबिटीज यूके के हेड ऑफ केयर डैनियल होवार्थ कहते हैं कि इसका फैसला करना निश्चित तौर पर निजी मसला है, लेकिन जो लोग अच्छी तरह से अपनी बीमारियों को मैनेज किए हुए हैं वे कुछ सावधानियों के साथ रोजा रख सकते हैं। इन सावधानियों में धीरे-धीरे कार्बोहाइड्रेट रिलीज करने वाली चीजें खाना शामिल है। इन चीजों में होलग्रेन ब्रेड और चावल समेत दूसरे उत्पाद आते हैं। इसके अलावा आपको जल्दी-जल्दी अपनी ब्लड शुगर चेक करना चाहिए।
हेल्थकेयर वर्कर्स क्या करें?
मुस्लिम काउंसिल ऑफ ब्रिटेन ने गाइडेंस छापी है। इनमें कहा गया है, "कोविड-19 मरीजों की देखभाल कर रहे हेल्थकेयर स्टाफ डिहाइड्रेशन के जोखिम में हैं। उन्हें पीपीई पहननी पड़ती हैं और लंबे वक्त तक ड्यूटी करनी पड़ती है। ऐसे में ये लोग रोजा रखने से मुक्त हैं।"