वजन बढ़ने को अक्सर ज्यादा खाने, व्यायाम की कमी और खराब नींद का नतीजा माना जाता है। ये तीनों निश्चित ही वजन पर असर डालते हैं, लेकिन हर बार बढ़ते वजन की वजह यही हों ये जरूरी नहीं है।
Weight Issues: खान-पान और नींद के अलावा ये 4 छिपी चीजें भी बन सकती हैं वजन बढ़ने की वजह
वजन बढ़ने की वजह हमेशा ज्यादा खाना या कम व्यायाम नहीं होती। अगर बिना वजह वजन तेजी से बढ़ रहा है और साथ में सूजन, थकान, सांस फूलना या हार्मोन संबंधी बदलाव हैं, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
थायरॉयड की गड़बड़ी
थायरॉयड हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म यानी ऊर्जा के इस्तेमाल करने की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं। थायरॉयड हार्मोन कम होने पर कुछ लोगों में वजन बढ़ सकता है। इसके साथ थकान, ठंड ज्यादा लगना, कब्ज, त्वचा का रूखा होना या बालों में बदलाव जैसे लक्षण भी हो सकते हैं।
- हालांकि केवल वजन बढ़ने से थायरॉयड की बीमारी नहीं मानी जा सकती। अगर वजन बढ़ने के साथ ऐसे कई लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर जरूरत के अनुसार थायरॉयड की जांच करा सकते हैं।
अक्सर तनाव में तो नहीं रहते आप?
लगातार तनाव में रहने से शरीर और व्यवहार दोनों प्रभावित होते हैं।
- तनाव के दौरान कुछ लोगों में मीठा या ज्यादा कैलोरी वाला भोजन खाने की इच्छा बढ़ सकती है।
- तनाव के कारण नींद खराब हो जाती है और शारीरिक गतिविधि कम हो जाए तो वजन बढ़ने की आशंका और बढ़ सकती है।
इसलिए वजन कंट्रोल करने के लिए केवल खाने पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। लंबे समय से तनाव, बेचैनी या खराब दिनचर्या बनी हुई है तो उसे सुधारना भी जरूरी है।
कुछ दवाएं भी बढ़ा सकती हैं वजन
कुछ दवाओं के साथ वजन बढ़ना संभावित दुष्प्रभाव हो सकता है। इसमें कुछ मानसिक स्वास्थ्य संबंधी दवाएं, स्टेरॉयड और कुछ अन्य दवाएं शामिल हो सकती हैं। हालांकि इसका असर हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता।
- अगर किसी नई दवा को शुरू करने के बाद वजन तेजी से बढ़ने लगा है, तो डॉक्टर से बात करें।
- वजन बढ़ने के डर से दवा खुद बंद न करें।
- डॉक्टर जरूरत के अनुसार दवा, उसकी मात्रा या वजन नियंत्रित करने की रणनीति में बदलाव कर सकते हैं।
महिलाओं में पीसीओएस भी हो सकता है कारण
पीसीओएस यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम हार्मोन से जुड़ी एक आम स्थिति है। इसमें वजन बढ़ने के साथ मासिक धर्म अनियमित होने, मुंहासे और चेहरे या शरीर पर ज्यादा बाल आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ महिलाओं में इंसुलिन से जुड़े बदलाव भी देखे जाते हैं।
- अगर वजन बढ़ने के साथ पीरियड्स अनियमित हो रहे हैं या हार्मोन से जुड़े दूसरे लक्षण हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। पीसीओएस की स्थिति हर महिला में अलग हो सकती है।