सर्दियों के इस मौसम में सेहत का ख्याल रखना बहुत आवश्यक हो जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, इस मौसम में कई सारी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कमजोर इम्युनिटी वाले लोग मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम और अन्य कई तरह की बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। इस तरह की समस्याओं से बचाव के लिए लोगों को सेहत के विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इस मौसम में सभी लोगों को अपने आहार पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। काढ़ा, औषधियां और कई तरह की जड़ी-बूटियों का सेवन शरीर को अंदरूनी गर्मी प्रदान करके रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देते हैं।
अध्ययन: सेहत के लिए वरदान हैं ये चार औषधियां, चाय में मिलाकर कीजिए सेवन और बढ़ाइए इम्युनिटी
तुलसी
देश में वर्षों से चाय में तुलसी की पत्तियों को मिलाकर सेवन करने का चलन रहा है। तुलसी बहुत ही प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट होती है, जो यह हृदय रोगों, उच्च रक्तचाप और रक्त शर्करा के स्तर के जोखिम को कम करने में करती है। तुलसी की चाय का सेवन कई प्रकार के संक्रमण से सुरक्षा देने और शरीर को शक्ति देने में सहायक है। सर्दी-जुकाम जैसी समस्याओं में इसे बेहद लाभदायक माना जाता है।
इलाइची
हर घर में इलायची का उपयोग सुगंधित मसाले के रूप में किया जाता रहा है। अध्ययनों से पता चलता है कि इलाइची में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ कई तरह की मौसमी बीमारियों से सुरक्षा देने वाले गुण मौजूद होते हैं। काली या बड़ी इलायची का उपयोग लंबे समय से सर्दी, खांसी और सांस की कई बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता रहा है। काढ़े में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
काली मिर्च
हमारे किचन में मौजूद तमाम तरह के मसालों में काली मिर्च को सबसे गुणकारी माना जाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि काली मिर्च में विटामिन सी, फ्लेवोनोइड्स, एंटीऑक्सिडेंट और जीवाणुरोधी गुण सहित कई प्रकार के खनिजों की एक विस्तृत श्रृंखला होती है। ये सभी शरीर की प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने के साथ खांसी और सर्दी के लक्षणों को कम करने में सहायता करते हैं। सुबह के समय शहद के साथ काली मिर्च का सेवन करना सर्दी जुकाम से बचाने में मददगार मानी जाती है।
चाय के स्वाद को बढ़ाने के लिए वर्षों से अदरक का उपयोग किया जाता रहा है। अध्ययनों से पता चलता है कि इसमें पाया जाने वाला जिंजरोल नामक एक्टिव कंपाउंड शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में सहायक हो सकता है। अदरक के एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सर्दियों में शरीर को संक्रमण से सुरक्षित रखने का काम करते हैं। गले में खराश और जुकाम की स्थिति में अदरक का सेवन करना विशेष लाभदायक माना जाता है।
----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।