भारत में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक देश के 16 राज्यों से अब तक 350 से अधिक लोगों में कोरोना के इस नए वैरिएंट के संक्रमण की पुष्टि की जा चुकी है। अध्ययनों के मुताबिक कोरोना के अन्य वैरिएंट्स के मुकाबले ओमिक्रॉन की संक्रामता दर कम है, हालांकि राहत की बात यह है कि इससे संक्रमित ज्यादातर लोगों में हल्के लक्षण ही देखे जा रहे हैं। संक्रमितों का इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादातर मरीज कुछ ही दिनों में ठीक होकर वापस घर लौट रहे हैं। ओमिक्रॉन वैरिएंट गंभीर समस्याओं का कारण नहीं बन रहा है यह राहत की बात है, हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि इस खतरे को हल्के में लिया जाए।
Omicron Variant: डॉक्टरों ने बताया- इलाज के लिए अपनाए जा रहे हैं यह तरीके, ज्यादातर रोगी आसानी से हो रहे ठीक
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ऐसे किया जा रहा है संक्रमितों का इलाज
दिल्ली के लोक नायक अस्पताल के डॉक्टर बताते हैं, ओमिक्रॉन बेहद संक्रामक वैरिएंट जरूर है, पर राहत की बात यह है कि रोगियों में इसके हल्के लक्षण ही देखे जा रहे हैं। अस्पताल में भर्ती ज्यादातर रोगियों को मल्टी-विटामिन्स और पैरासिटामोल ही दिया जा रहा है, जिससे ठीक होकर मरीज घर लौट रहे हैं। डेल्टा वैरिएंट से संक्रमण की तुलना में इस बार रोगियों में ऑक्सीजन की कमी या गंभीर लक्षणों की शिकायत देखने को नहीं मिल रही है।
रोगियों में देखे जा रहे हैं हल्के लक्षण
डॉक्टर बताते हैं, ओमिक्रॉन वैरिएंट के लगभग 90 प्रतिशत मरीज एसिम्प्टोटिक हैं और बाकी में गले में खराश या खरोंच जैसी समस्या, हल्का बुखार और शरीर में दर्द जैसे हल्के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल मल्टी-विटामिन और पैरासिटामोल के अलावा रोगियों को कोई और खास दवा या उपचार देने की जरूरत महसूस नहीं हो रही है। हालांकि इसे हल्के में लेने की गलती नहीं करनी चाहिए, सभी लोगों के लिए कोरोना से बचाव के उपाय करते रहना आवश्यक है।
विदेशों से आए हैं ज्यादातर संक्रमित
डॉक्टर बताते हैं, विदेशों की यात्रा करके वापस आए लोगों में फिलहाल ओमिक्रॉन के मामलों का निदान ज्यादा किया जा रहा है। कुछ रोगी ऐसे भी हैं, जिन्होंने न तो विदेशों की यात्रा की है और न ही वह ऐसे लोगों के संपर्क में आए हैं। ओमिक्रॉन वैरिएंट से बचाव के लिए सभी लोगों को लगातार कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करते रहना जरूरी है, क्योंकि इससे सुरक्षित रहने के लिए बचाव ही एकमात्र तरीका हो सकता है।
दिल्ली में तेजी से बढ़ रही है संक्रमितों की संख्या
रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी दिल्ली में कोरोना के ओमिक्रॉन संक्रमण के मामले पिछले दिनों तेजी से बढ़े हैं। अब तक यहां 67 से ज्यादा लोगों में कोरोना के इस नए वैरिएंट से संक्रमण की पुष्टि की जा चुकी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जिस तरह से ओमिक्रॉन का संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है, यह डराने वाला है। इस समय बचाव के उपायों में की गई कोई भी लापरवाही आने वाले दिनों में बड़ी मुसीबत का कारण बन सकती है। सभी लोगों को मास्क पहनने, वैक्सीनेशन, सोशल डिस्टेंसिंग और हैंड हाइजीन का हमेशा ध्यान रखना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।