डॉ. परवेश मलिक
फिजिशियन, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एमडी (जनरल मेडिसिन)
Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
देश में भले ही कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर फिलहाल शांत नजर आ रही है। लेकिन केरल जैसी जगहों पर अब भी कोरोना के मामलों में कमी नहीं देखी जा रही है। इसके अलावा केरल में जीका वायरस का खतरा भी मंडरा रहा है, जिसने हर किसी को अलर्ट कर दिया है। शुरुआत में दो और अब ये मामले बढ़कर लगभग 21 तक पहुंच गए हैं, जो चिंता का विषय है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि जीका वायरस के अब राज्य में 21 मामले हो चुके हैं। ऐसे में कोरोना के बीच जीका वायरस का सामने आना, डॉक्टर्स से लेकर सरकारों तक के लिए किसी परेशानी से कम नहीं है। तो चलिए जानते हैं इसके लक्षण और बचाव के उपायों के बारे में।
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जीका वायरस
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क्या है जीका वायरस?
- दरअसल, जीका वायरस का संक्रमण का असर पीला ज्वर, डेंगू और वेस्ट नाइल वायरस के बुखार की तरह ही होता है। व्यक्ति में जीका वायरस का संक्रमण एईडीज इजिप्टाय मच्छर के काटने से होता है। यहां आपको बताते चले कि ये वहीं मच्छर है, जिसकी प्रजाति से डेंगू वायरस फैलता है। वहीं, जीका वायरस गर्भवती मां से बच्चे में भी आ सकता है। हालांकि, इस वायरस की चपेट में कोई भी आ सकता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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जीका वायरस से संक्रमित लोगों में चिकनगुनिया और डेंगू जैसे लक्षण पाए जाते हैं। दरअसल, मच्छर के काटने के दो से सात दिन के बाद व्यक्ति जीका वायरस से संक्रमित होता है। इसके कुछ लक्षण हैं, जिनके बारे में जान लेते हैं। ये लक्षण दिखते ही आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज:-
-बीमार होना
-बुखार आना
-मांसपेशियों में दर्द
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-सिरदर्द होना
-बदन पर दाने होना
-उल्टी आना या जी मिचलाना
-जोड़ों में दर्द होना।