अक्सर आपने पथरी की समस्या के बारे में सुना होगा। पथरी की समस्या मुख्यरूप से शरीर के दो अंगों में हो सकती है- किडनी और पित्ताशय की थैली। किडनी की पथरी सामान्यतौर पर आसानी से निकल जाती है लेकिन पित्त के थैली की पथरी न सिर्फ कठिनाई से निकलती है, साथ में इसके कारण लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। आइए इस लेख में पित्ताशय की थैली में पथरी (गॉल-ब्लैडर स्टोन) की समस्या के बारे में विस्तार से जानते हैं।
सावधान: काफी दर्दकारक हो सकती है गॉल ब्लैडर स्टोन की समस्या, जानिए इसके लक्षण और बचाव के तरीके
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डॉक्टरों के मुताबिक पित्ताशय की पथरी के लक्षण लोगों में अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ लोगों में इसके कोई भी लक्षण नहीं दिखते हैं जबकि कुछ लोगों को पेट के दाहिनी तरफ तेज दर्द का अनुभव हो सकता है। इसके अलावा समय-समय पर इसका दर्द अधिक महसूस हो सकता है। कुछ लोगों को अधिक वसा और तले हुए खाद्य पदार्थ खाने के बाद तेज दर्द का अनुभव होता है। दर्द आमतौर पर कुछ देर तक बना रहता है, हालांकि यह काफी गंभीर रूप से भी हो सकता है। इसके अलावा कुछ लोगों को इस तरह के लक्षणों का भी अनुभव हो सकता है।
- जी मिचलाना-उल्टी।
- पेशाब का रंग गहरा होना।
- पेट में अचानक तेज दर्द होना।
- दस्त- खट्टी डकार
किन कारणों से होती है पित्ताशय में पथरी की दिक्कत?
डॉक्टरों के मुताबिक पित्ताशय की पथरी कई कारणों से हो सकती है। पित्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा के बढ़ जाने के कारण यह समस्या होना सामान्य है। वैसे तो पित्त में कोलेस्ट्रॉल खत्म करने के लिए पर्याप्त रसायन होते हैं,लेकिन अगर लिवर, पित्त की तुलना में अधिक कोलेस्ट्रॉल का उत्सर्जन करने लगे तो अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल क्रिस्टल में बदलकर पथरी का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा कुछ लोगों में अतिरिक्त बिलीरुबिन भी पथरी का कारण बन सकती है। जिन लोगों के पित्ताशय की थैली ठीक से खाली नहीं होती है उनमें भी पित्त की मात्रा अधिक हो जाने के कारण पथरी बनने का खतरा अधिक रहता है।
गॉल-ब्लैडर स्टोन का इलाज
पित्ताशय की पथरी वाले ज्यादातर लोगों में कोई भी लक्षण नहीं होते हैं, ऐसे लोगों को उपचार की भी आवश्यकता नहीं होती है। वहीं जिन लोगों को पेट में दर्द और पथरी के अन्य लक्षणों का अनुभव होता हो उन्हें डॉक्टर पथरी को गलाने वाली कुछ दवाइयां दे सकते हैं। हालांकि इस तरह के उपचार में कुछ महीनों से साल तक का समय लग सकता है। इसीलिए सामान्य तौर पर
डॉक्टर सर्जरी के माध्यम से पित्ताशय की थैली को हटाने की सलाह देते हैं, क्योंकि इस तरह की पथरी के दोबारा से होने का खतरा भी अधिक रहता है।
पित्ताशय में पथरी की समस्या से कैसे बचाव करें
डॉक्टरों के मुताबिक पित्ताशय में पथरी की समस्या से बचे रहने के लिए रोजाना नियम से भोजन करें। भोजन छोड़ने या ज्यादा उपवास करने से पित्ताशय की पथरी का खतरा बढ़ा सकता है। इसके अलावा जिन लोगों का वजन अधिक है, वह धीरे-धीरे वजन कम करने की कोशिश करें। तेजी से वजन घटाने वाले उपायों से भी पित्ताशय की पथरी का खतरा बढ़ सकता है। एक सप्ताह में 0.5 से 1 किलोग्राम तक वजन कम करने का लक्ष्य रखें। भोजन में उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थ जैसे फल, सब्जियां और साबुत अनाजों को अधिक शामिल करें।
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स्रोत और संदर्भ:
Gallstones (Cholelithiasis)
Gallbladder stones
अस्वीकरण नोट: यह लेख मेडिकल वेबसाइट्स से एकत्रित की गई जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं।