Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
सिर दर्द एक आम समस्या है, जो लगभग हर किसी को कभी न कभी हुई ही होगी या नहीं हुई होगी तो हो सकती है। अगर सिर दर्द की समस्या काम करने के दौरान हो तो बहुत परेशानी होती है। कुछ लोग तो ऐसे भी होते हैं, जो इस समस्या से लगभग रोजाना ही जूझते हैं। हालांकि लोग दुकानों से दवाइयां खरीद कर खा लेते हैं और सिर दर्द से तत्काल राहत पा लेते हैं। इसके अलावा कई घरेलू उपाय भी हैं, जिन्हें अपनाकर लोग सिर दर्द से निजात पा लेते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर सिर दर्द की समस्या होती क्यों है? विशेषज्ञ बताते हैं कि इसके कई कारण हो सकते हैं, जिसमें जीवनशैली से जुड़े कुछ बदलाव भी शामिल हैं, लेकिन अगर आप अपनी कुछ आदतों में सुधार लाएं, तो सिरदर्द से छुटकारा पा सकते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में...
सलाह: ये गलतियां बन सकती हैं सिर दर्द का कारण, इन बातों का रखें ध्यान
निर्जलीकरण हो सकता है सिर दर्द का कारण
- विशेषज्ञ कहते हैं कि निर्जलीकरण सिर दर्द के सबसे सामान्य कारणों में से एक है। दरअसल, निर्जलीकरण को अंग्रेजी में डिहाइड्रेशन कहते हैं, जो शरीर में पानी की कमी का परिणाम होता है। ऐसे मामलों में एक गिलास ठंडा पानी पिएं, आपके सिर दर्द की समस्या खत्म हो जाएगी। निर्जलीकरण से बचने के लिए यह जरूरी है कि आप रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
चिंता से भी हो सकता है सिर दर्द
- चिंता या तनाव सिर दर्द का कारण हो सकता है, जो बाद में माइग्रेन में तब्दील हो सकता है। इसलिए समय रहते इसमें सुधार लाएं। चिंता या तनाव से बचने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करें, स्वस्थ आहार लें। इससे और भी कई तरह की समस्याओं से निजात पा सकते हैं।
ज्यादा सोने से भी हो सकता है सिर दर्द
- विशेषज्ञ बताते हैं कि इंसान को स्वस्थ रहने के लिए कम से कम 7-8 घंटे की नींद लेनी चाहिए। अगर आप कम या बहुत ज्यादा सोते हैं, तो स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं, जिसमें सिर दर्द भी शामिल है। इसका हमेशा ध्यान रखें।
धूम्रपान या शराब के सेवन से बचें
- धूम्रपान या शराब का सेवन सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। ये इम्यूनिटी को तो कमजोर करते ही हैं, साथ ही सिर दर्द का भी कारण बन सकते हैं। इसलिए विशेषज्ञ इन चीजों से बचने की सलाह देते हैं।
नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।