डॉ अंबिका प्रसाद यादव
आंतरिक चिकित्सा, मधुमेह और उच्च रक्तचाप सलाहकार
Medically Reviewed by Dr. Ambika Prasad Yadav
आज की दौड़ती-भागती जिंदगी में कई ऐसी बीमारियां हैं, जो व्यक्ति को अपना शिकार बना लेती हैं और कई बीमारियां तो ऐसी होती हैं जो जिंदगी भर व्यक्ति के साथ रहती हैं। वहीं, महिलाओं में भी बीमारियों का खतरा बना रहता है। जैसे- यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी मूत्र मार्ग में संक्रमण होना। वैसे तो ये एक खतरनाक बीमारी नहीं है, लेकिन अगर इसका समय पर इलाज न किया जाए तो ये आगे चलकर खतरनाक हो सकती है। दरअसल, यूटीआई बीमारी गुप्तांगों में होती है जो पुरुष और महिला दोनों में हो सकती है। ऐसे में इस बीमारी के लक्षणों को समय पर पहचानकर इनका इलाज करवाना बेहतर विकल्प है। तो चलिए आपको इसके लक्षण, इलाज और कुछ घरेलू उपायों के बारे में बताते हैं, ताकि आपकी मदद हो सके। तो चलिए जानते हैं इनके बारे में।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
कितने प्राकर के होते हैं यूटीआई?
- दरअसल, यूटीआई की दिक्कत होने पर डॉक्टर से सलाह लेना और उनकी देखरेख में रहना ही बेहतर विकल्प है। वहीं, आपको बता दें कि यूटीआई दो प्रकार के होते हैं। पहले अपर और दूसरे लोअर। मरीज कौन से यूटीआई से ग्रसित है, इसकी जानकारी डॉक्टर जांच के बाद ही दे सकते हैं।
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ये हैं लक्षण
-उल्टी आना
-पेट में हल्का दर्द उठना
-पेशाब का रंग बदलना
-पेशाब करते समय जलन होना
-छींकते समय थोड़ा सा पेशाब आना
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-पेशाब आना
-बुखार आना
-चक्कर आना
-पेशाब का बार-बार आना
-खांसते समय थोड़ा सा पेशाब आना।
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कैसे होता है इलाज?
- इसमें पेन किलर और एंटीबायोटिक्स दवा दी जाती है। ये जल्दी असर दिखाती हैं और ये सही इलाज भी है। वहीं, जब अपर यूटीआई होता है तो इसमें तेज बुखार आना और उल्टी जैसी शिकायत भी होती है। ऐसी स्थिति में दवाओं का सेवन ज्यादा करना पड़ता है।