आज से हम सभी नए साल 2023 में प्रवेश कर रहे हैं। सभी देशवासियों को अमर उजाला परिवार की तरफ से नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। नए साल में हम सभी को स्वस्थ जीवन के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है। वैश्विक स्तर पर जिस प्रकार से कई तरह की गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है, इससे बचाव के लिए शरीर को स्वस्थ रखना और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के उपाय करते रहना बहुत आवश्यक हो गया है।
Health Tips: नए साल में प्रवेश के साथ लें 'स्वस्थ जीवन' का संकल्प, आज से ही दिनचर्या में शामिल करें ये आदतें
फल-सब्जियों से भरपूर हो आहार
स्वस्थ शरीर के लिए स्वस्थ आहार का सेवन करना सबसे आवश्यक माना जाता है। पौष्टिक आहार के सेवन की आदत बनाकर न सिर्फ आप शरीर के लिए आवश्यक ऊर्जा प्राप्त कर सकते हैं, साथ ही ये शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाकर संक्रमण और बीमारियों से बचाने में भी मददगार हैं। इसके लिए खूब सारे फल, सब्जियां, फलियां, नट और साबुत अनाज को दैनिक आहार का हिस्सा बनाएं। वयस्कों को प्रतिदिन आहार का कम से कम पांच भाग (400 ग्राम) फल और सब्जियां खानी चाहिए।
नियमित व्यायाम जरूरी
स्वस्थ आहार के साथ नियमित व्यायाम का भी संकल्प लें। व्यायाम करने से मांसपेशियों-हड्डियों को मजबूती मिलती है। वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम-तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए। नियमित व्यायाम की आदत शरीर में हार्मोन संतुलन और रक्त संचार को बनाए रखने और मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए जरूरी है। इस एक आदत से डायबिटीज-हृदय रोग के खतरे को भी कम किया जा सकता है।
रोजाना लें पर्याप्त नींद
इस साल सभी लोगों को नींद की गुणवत्ता को सुधारने के लिए प्रयास करने का संकल्प लेना चाहिए। नींद पूरी न होने से इंसुलिन प्रतिरोध, वजन, इम्युनिटी और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर हो सकता है। शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार से फिट रहने के लिए सभी लोगों को रात में कम से कम 6-8 घंटे की निर्बाध नींद जरूर लेनी चाहिए। अध्ययनों में नींद पूरी न होने की स्थिति को कई गंभीर बीमारियों का कारक माना गया है।
ज्यादा देर बैठने और स्क्रीन टाइम दोनों को कम करें
जिन लोगों के दिन का अधिकतम समय बैठे-बैठे बीत जाता है, उनमें शारीरिक निष्क्रियता के कारण कई प्रकार की बीमारियों का जोखिम काफी बढ़ जाता है। इसके अलावा मोबाइल-कंप्यूटर पर अधिक समय बिताने को भी काफी नुकसानदायक माना जाता है। यह दोनों स्थितियां मधुमेह, हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा बढ़ाने वाली हो सकती हैं। एक ही स्थान पर ज्यादा समय तक बैठने से बचें और स्क्रीन टाइम को कम करने का प्रयास करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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