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CoronaVirus: आईएमए को सरकार का जवाब- प्रयोगों और साक्ष्यों पर आधारित है आयुष प्रोटोकॉल, न उठाएं सवाल

Sat, 10 Oct 2020 02:06 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निलेश कुमार Updated Sat, 10 Oct 2020 02:06 PM IST
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Health ministry says Ayush protocol for Covid-19 based on empirical evidences after Indian medical Association IMA allegation
Ayurveda Coronavirus - फोटो : Amar Ujala

कोविड-19 के उपचार के लिए योग और आयुष आधारित प्रोटोकॉल पर इंडियन मेडिक्ल एसोसिएशन द्वारा सवाल खड़े किए जाने को सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया है। आईएमए ने आयुष प्रोटोकॉल की आलोचना करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय से सवाल किया था कि केंद्र सरकार ने किस आधार पर आयुष के ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल से कोरोना के इलाज की मंजूरी दी है? इस पर केंद्र सरकार का कहना है कि आयुर्वेद और योग पर आधारित कोरोना के उपचार का प्रोटोकॉल प्रयोगों और साक्ष्यों के साथ नैदानिक परीक्षणों पर विचार करने के बाद तैयार किया गया है। 

Health ministry says Ayush protocol for Covid-19 based on empirical evidences after Indian medical Association IMA allegation
आयुर्वेद - फोटो : पेक्सेल्स

टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि सरकार द्वारा जारी किए गए कोविड-19 के लिए उपचार के लिए जो मानक उपचार निर्धारित हैं, उसके अलावा आयुष प्रोटोकॉल की सिफारिश की गई है। यानी आयुष प्रोटोकॉल को पूर्व निर्धारित मानकों में अतिरिक्त जोड़ा गया है, न कि उनके बदले में। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने सुझाव दिया था कि कोरोना के नैदानिक दृष्टिकोण को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इसमें एलोपैथिक उपचार शामिल हैं। 

Health ministry says Ayush protocol for Covid-19 based on empirical evidences after Indian medical Association IMA allegation
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

मालूम हो कि आईएमए ने सवाल उठाया था, "केंद्र सरकार ने किस आधार पर आयुष प्रोटोकॉल से कोरोना के इलाज की मंजूरी दी है?" आईएमए ने पूछा था कि क्या कोरोना के मरीजों पर आयुर्वेद या योग के इलाज के प्रभाव को लेकर अध्ययन से जुड़े कोई संतोषजनक सुबूत हैं? इस दावे का समर्थन करने वाले और उनका अपना मंत्रालय क्या आयुष प्रोटोकॉल के दो तरफा नियंत्रित अध्ययन के लिए तैयार हैं?

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Health ministry says Ayush protocol for Covid-19 based on empirical evidences after Indian medical Association IMA allegation
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे

आईएमए ने सवाल किया था कि सरकार के कितने मंत्री और सहयोगियों ने खुद आयुर्वेद और योग से अपना इलाज करवाया है? अगर यह असरदार है तो कोविड केयर सेंटर और नियंत्रण व्यवस्था, आयुष मंत्रालय को सौंपने से उन्हें कौन रोक रहा है? केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अपना पक्ष स्पष्ट करें। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो वो लोगों में एक फ़र्ज़ी दवा को लेकर भ्रम फैला रहे हैं। 

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Health ministry says Ayush protocol for Covid-19 based on empirical evidences after Indian medical Association IMA allegation
डॉक्टर हर्षवर्धन (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

स्वास्थ्य मंत्रालय की यह टिप्पणी आईएमए द्वारा आरोप लगाए जाने के अगले ही दिन सामने आई है। आईएमए ने कोविड-19 प्रबंधन के लिए आयुर्वेद के वैकल्पिक दवाओं और योग को बढ़ावा देने के कदम पर सवाल उठाया था। मालूम हो कि केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने इसी हफ्ते कोरोना के उपचार, बचाव और इम्यूनिटी बढ़ाए जाने के लिए आयुष प्रोटोकॉल जारी किया है। इसमें अश्वगंधा, गुडूची, पिप्पली, आयुष 64 गोलियां अलग-अलग खुराक में उपयोग करने की सलाह दी गई है। 

यहां पढ़ें: क्या है आयुष प्रोटोकॉल, कोरोना के उपचार के लिए क्या दी गई है सलाह?

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