कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच इससे जारी जंग में सफलताएं भी मिल रही हैं। हालांकि इस महामारी पर नियंत्रण नहीं हो पाया है। भारत में तीन वैक्सीन कैंडिडेट्स कामयाबी के करीब हैं और आने वाले कुछ महीनों में इन्हें मंजूरी मिलने की संभावना है। कोरोना के इलाज के लिए पहले जहां दवाएं उपलब्ध नहीं थी, अब हल्के और गंभीर लक्षण वाले मरीजों के लिए कई दवाएं भी उपलब्ध हैं। वहीं दूसरी ओर कोरोना से जंग में आयुर्वेद की भी अहम भूमिका रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने मंगलवार को कोविड के क्लीनिकल मैनेजमेंट के लिए प्रोटोकॉल जारी करते हुए आयुर्वेदिक औषधियों के इस्तेमाल की बात कही। आइए जानते हैं, आयुर्वेद के जरिए आप कैसे कोरोना को मात दे सकते हैं।
CoronaVirus: आयुर्वेद के जरिए कोरोना को दें मात, जानें इम्यूनिटी बढ़ाने और बचाव से लेकर इलाज तक के उपाय
केंद्रीय परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य मंत्रालय और आयुष मंत्रालय की ओर से तैयार किए गए दिशानिर्देश में कोरोना संक्रमण की रोकथाम, बिना लक्षण और हल्के लक्षण वाले मरीजों के इलाज, खानपान संबंधी उपाय, आयुष-64 दवा, अश्वगंधा, त्रिफला, मुलेठी आदि औषधियों और के इस्तेमाल की बात कही गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अश्वगंधा, मुलेठी, लौंग, आयुष-64 जैसी आयुर्वेदिक औषधियां कोरोना से बचाव में कारगर साबित हुई हैं। बीमारियों से बचाव और उनके इलाज के ये पारंपरिक तरीके कोरोना से भी सुरक्षा देते हैं।
बिना लक्षण और हल्के लक्षणों वाले मरीज क्या करें?
- ऐसे मरीज आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह से 15 दिन तक दिन में दो बार गर्म पानी के साथ अश्वगंधा का चूर्ण लें।
- गर्म पानी के साथ 375 मिलीग्राम गुडुची और पिप्पली के अलावा 500 मिलीग्राम की आयुष-64 टैबलेट दिन में दो बार लें।
- 15 दिन तक ऐसा करें। सांस लेने में तकलीफ न हो या ऑक्सीजन का स्तर कम न हो तो आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह लें।
- इन दवाओं के साथ खानपान संबंधी नियमों और अन्य तमाम जरूरी एहतियातों का ध्यान रखें।
संक्रमण से बचाव के लिए और इम्यूनिटी बनाए रखने के लिए क्या करें?
कैसा हो खानपान?
- ताजा, गर्म खाना खाएं। भोजन संतुलित हो, इसका ध्यान रखें। दिन में एक बार आयुष काढ़ा लें।
- अदरक, जीरा, धनिया, तुलसी की पत्ती डालकर उबाले गए पानी को पीना चाहिए।
- आधा चम्मच हल्दी 150 एमएल गर्म दूध में डालकर रात में पीना चाहिए। (अपच की समस्या न हो तो)
- छह से आठ घंटे की नींद लेनी चाहिए। गाइडेंस के साथ योगासन करें या कसरत करें।
- योग और आसन करने से भी सांस संबंधी समस्याएं ठीक होती है, तनाव कम होता है और इम्यूनिटी भी बढ़ती है।