पान के पत्ते में छिपे हैं कई औषधीय गुण, इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी है बीमारियों के लिए फायदेमंद
पान के पत्ते का इस्तेमाल पूजा-पाठ और हवं में भी किया जाता है। पान भारतीय संस्कृति का हिस्सा होने साथ एक महत्वपूर्ण औषधि भी है। पान के पत्तों में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, फॉस्फोरस, लौह, आयोडीन और पोटैशियम जैसे तत्व भी पाए जाते हैं। सर्दी खांसी और जुकाम होने पर सेंकी हुई हल्दी का टुकड़ा पान में डालकर खाने से आराम मिलता है। उंगलियों में सूजन की शिकायत काफी लोगों को होती है, इसे कम करने के लिए पान के पत्तों को गर्म करके अंगुली पर लपेटने से लाभ मिलता है। जिन्हे पायरिया की शिकायत है वे पान के एक पत्ते में छोटा कपूर का टुकड़ा डालकर चबाएं और पीक को थूकते जाएं। भूलकर भी पान की पीक ना निगलें।
खाने के बाद सौंफ खाना, पानी में सौंफ डालकर पीना या सौंफ वाली चाय पीना अगर आपको पसंद है तो आप अच्छे स्वास्थ्य की ओर अग्रसर हैं। जाने अनजाने भले सौंफ आपको अच्छा लगता हो लेकिन क्या आप जानते इसके कितने फायदे हैं।सौंफ पाचन में मदद करता है। इसके अलावा पेट में गैस की तकलीफ हो, पेट फूला लग रहा हो, तो सौंफ से राहत मिल सकती है। सौंफ एक बेहद असरदार एंटासिड भी है। सौंफ कॉपर, पोटैशियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम, जिंक, मैंगनीज, आयरन, सेलेनियम और मैन्नीशियम जैसे मिनरल्स से भरपूर होता है। सौंफ को खाने से दिल की सेहत को कई तरह से फायदा हो सकता है, क्योंकि वे फाइबर से भरे होते हैं। फाइबर वो पोषक तत्व है जो उच्च कोलेस्ट्रॉल जैसे हृदय रोग के जोखिम कारकों को कम करने में सहायक है।
पान के साथ इस्तेमाल की जाने वाली सुपारी के भी कई औषधीय फायदे हैं। सुपारी के छोटे-छोटे टुकड़े पानी में उबालें और जब पानी आधा रह जाए तो इसे छानकर पी लें, ऐसा सुबह-शाम रोजाना करने से आमाशय और आंतों की कमजोरी से होने वाले दस्त बंद हो जाते हैं। सुपारी के बारीक टुकड़ों को अच्छी तरह कुचल लिया जाए और हल्का सा भूनकर इसका चूर्ण बना लिया जाए और इससे मंजन किया जाए तो दांत दर्द में आराम मिलता है।