लॉकडाउन से पहले तक आपने सोसाइटी पार्क में सुबह-सुबह लोगों को जोर-जोर से हंसते हुए देखा होगा। योग के अभ्यास के बाद बड़े-बुजुर्ग ठहाका मार-मार के हंसते हैं। हमलोगों में से बहुत से लोग भी ऐसा करते होंगे। यह एक तरह से योग का हिस्सा होता है। दरअसल, हंसना हमारी सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। पिछले कुछ सालों में लॉफ्टर थेरेपी भी खूब लोकप्रिय हुई है। हालांकि इसे सदियों पुरानी थेरेपी कहना भी गलत नहीं होगा। पुराने जमाने में राज दरबार में रखे गए विदूषक और बहरूपिए भी इसलिए रखे जाते थे। दरअसल, आपकी हंसी आपको कई तरह के बीमारियों से दूर रखती है। रोजमर्रा की जिंदगी में कई बार खुशियां कहीं खो जाती है। ऐसे में किसी भी बहाने हंसना जरूरी है। कई स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्टों में कहा गया है कि आपकी हंसी में ही आपकी रचनात्मकता और ऊर्जा का भंडार छिपा है।
World Laughter Day 2020: ब्लड प्रेशर होगा कंट्रोल और टेंशन दूर, हंसने से बढ़ेगी इम्यूनिटी भी
तनाव से मुक्ति
फ्रेंच न्यूरोलॉजिस्ट हेनरी रूबेनस्टेन के मुताबिक आपकी एक मिनट की हंसी शरीर को जितना सहज बनाती है, बिना हंसे उतना सहज होने के लिए कम से कम 30 से 45 मिनट लग सकते हैं। दरअसल, खुलकर हंसने से शरीर की ब्लड वैसल्स यानी रक्त धमनियों में फैलाव आता है। ऐसा होने से खून तेजी से शरीर के अन्य हिस्सों में पहुंचता है। खुशी और चैन से एंडोरफिन और कॉर्टिसोल जैसे हार्मोन रसायनों का रिसाव होता है और हमें फील गुड होता है। इन स्थितियों में हमें तनाव से मुक्ति मिलती है।
ब्लड प्रेशर कंट्रोल
खुलकर हंसने से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। हंसने से ब्लड वैसल्स यानी रक्त की धमनियों में फैलाव होता है और इससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बहुत अच्छे से होता है। खासकर हार्ट चैंबर में ब्लड सर्कुलेशन ठीक से होने से कार्डियो वेस्क्युलर जैसी समस्याओं से बचाव होता है। हंसने के दौरान नकारात्मक विचार पीछे छूट जाते हैं और हमें अच्छा फील होता है।
दर्द में राहत
साल 2017 में अमेरिका में फ्लोरिडा के अस्पताल में सर्जरी के बाद के कुछ मरीजों पर हुई एक रिसर्च स्टडी में यह पाया गया था कि हंसी-खुशी की क्लास ने बिना दर्द निवारक दवाओं के ही उनको दर्द से राहत दिलाई। इस प्रयोग के दौरान मरीज कुछ देर के लिए अपना दुख-दर्द भूल जाते थे। आपने गौर किया होगा कि आपको कोई चोट लगी हो और टीवी पर आपको कोई पसंदीदा कॉमेडी शो या कॉमेडी फिल्म आ रही हो तो आपका ध्यान दर्द से भटक जाता है और आपको दर्द महसूस नहीं होता।
इम्यूनिटी
बीमारियों से लड़ने में हमारे शरीर की इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता का अहम रौल होता है। किसी भी तरह का नकारात्मक भाव हमारे अंदर तनाव, गुस्सा या अवसाद को जन्म देता हैख् जिनसे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और बाहरी रोगों से लड़ने में हमारा शरीर असमर्थ साबित होता है। वहीं, हंसने से या खुश रहने से हमारे शरीर में एंटीबॉडीज मजबूत होती है। ऐसे में बीमारियों से लड़ने के लिए हमारी इम्यूनिटी भी बढ़ती है।
(नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं। )