Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
एलर्जी होना एक आम समस्या है, जो किसी को भी किसी भी चीज से हो सकती है। इनमें दवाइयों से लेकर खाद्य पदार्थ तक शामिल हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि एलर्जी की समस्या हल्के से गंभीर भी हो सकती है। इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, वरना इससे स्वास्थ्य संबंधी अन्य परेशानियां भी हो सकती हैं। दुनिया में बहुत सारे ऐसे लोग हैं, जिन्हें फूड एलर्जी है। दरअसल, जब कोई विशेष प्रकार का खाद्य उत्पाद शरीर में जाकर प्रतिरक्षा तंत्र को असामान्य कर देता है, तो उस परिस्थिति को 'फूड एलर्जी' कहा जाता है। त्वचा पर लाल चकत्ते और खुजली, मुंह, गले या कान के अंदर खुजली होना, चेहरे, आंखें, होंठ, जीभ और मुंह के आसपास सूजन फूड एलर्जी के सामान्य लक्षण हो सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में, जिनके सेवन से एलर्जी की समस्या हो सकती है।
सावधान: इन चार चीजों के सेवन से हो सकती है एलर्जी की समस्या, लक्षणों को न करें नजरअंदाज
दूध
- कुछ लोगों को दूध से एलर्जी की समस्या हो सकती है, खासकर बच्चों को। विशेषज्ञ कहते हैं कि जिन बच्चों को एक्जिमा होता है, उन्हें एलर्जी की संभावना अधिक होती है। इसके अलावा अगर माता-पिता को दूध से एलर्जी है तो बच्चों में भी इसका जोखिम अधिक होता है। दरअसल, दूध में मौजूद कुछ प्रोटीन्स के कारण एलर्जी हो सकती है।
अंडा
- अंडा पोषक तत्वों से भरपूर होता है, लेकिन कई लोगों को अंडे के सफेद भाग से एलर्जी होती है। इसे 'एग एलर्जी' कहा जाता है। त्वचा पर खुजली या सूजन, पेट दर्द, डायरिया, उल्टी, आदि इसके लक्षण हो सकते हैं। इसके गंभीर लक्षणों में सांस लेने में कठिनाई, दिल की धड़कन तेज होना, आदि शामिल हैं।
मछली
- कुछ लोगों को मछली से भी एलर्जी होती है, जिसे 'फिश एलर्जी' कहते हैं। दरअसल, इस एलर्जी में प्रतिरक्षा तंत्र मछलियों को हानिकारक समझ कर उसके प्रति प्रतिक्रिया करता है। इसके लक्षण सामान्य से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं, जिसमें त्वचा पर चकत्ते, पेट से जुड़ी परेशानी और सांस से जुड़ी परेशानियां शामिल हैं। अगर किसी व्यक्ति ने दूषित मछली का सेवन कर लिया तो उसे एलर्जी की समस्या हो सकती है।
गेहूं
- आमतौर पर भारत में गेहूं का उपभोग बहुत ज्यादा किया जाता है, लोग रोटी, पराठे आदि का सेवन रोजाना करते हैं, लेकिन बहुत से लोगों को गेहूं से भी एलर्जी होती है। ऐसे लोगों को गेहूं मुक्त आहार का सेवन करने की सलाह दी जाती है।
नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।
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