अच्छी सेहत के लिए खान-पान और दिनचर्या को ठीक रखना सबसे जरूरी माना जाता है। आपकी दिनचर्या कैसी है, क्या खाते-पीते हैं इन सबका स्वास्थ्य पर सीधा असर होता है। पर सिर्फ यही पर्याप्त नहीं है। तमाम शोध बताते हैं कि डाइट और लाइफस्टाइल को ठीक रखने के साथ रोजाना रात में अच्छी और पर्याप्त नींद लेना भी बहुत जरूरी है।
Health Alert: रात में 8 घंटे सोने के बाद भी दिनभर बनी रहती है थकान? कहीं ये किसी गंभीर समस्या का संकेत तो नहीं
वयस्कों को हर रात कम से कम 7-9 घंटे की अच्छी नींद लेने की सलाह दी जाती है। ये शारीरिक और मानसिक दोनों सेहत के लिए जरूरी है। पर क्या हर रात 8 घंटे सोने के बावजूद आपको दिभर थकान बनी रहती है, आलस रहता है और शरीर भारी लगता है?
क्या आपने कभी सोचा है कि रात की भरपूर नींद भी असल में आराम क्यों नहीं देती? वैसे इस समस्या से परेशान आप अकेले नहीं हैं, दुनियाभर में लाखों लोग इसका सामना कर रहे हैं। आइए इसके कारणों को समझने की कोशिश करते हैं।
हार्मोन का असंतुलन
हार्मोन्स शरीर की सारी क्रियाविधि को मैनेज करते हैं अगर इनमें कोई असंतुलन हो जाए तो न सिर्फ आप थकान-आलस का शिकार हो जाते हैं, बल्कि कुछ स्थितियों में ये गंभीर समस्याओं का भी कारण हो सकती है। आमतौर पर ये दिक्कत स्ट्रेस हार्मोन में असंतुलन के कारण होती है। स्ट्रेस हार्मोन का कम या ज्यादा होना शरीर को कई तरह से प्रभावित कर सकता है।
दिन में थके रहते हैं तो यह संकेत है कि आपके शरीर का कोर्टिसोल स्तर बिगड़ा हुआ है। हाई कोर्टिसोल के कारण मेलाटोनिन (नींद हार्मोन) का स्तर प्रभावित हो जाता है इसका असर नींद की गुणवत्ता पर पड़ता है जिससे शरीर के लिए दिक्कतें बढ़ने लगती हैं।
इलेक्ट्रोलाइट की कमी
इलेक्ट्रोलाइट जैसे मैग्नीशियम, सोडियम और पोटैशियम की हमारे शरीर में विशेष भूमिका होती है। ये सभी मिनरल्स शरीर को गहरी नींद देने और रिकवरी के लिए बेहद जरूरी होते हैं। इनकी कमी से आपकी नींद बाधित हो जाती है, आप बार-बार जागते हैं और नींद पूरी नहीं होती। इसके कारण आपको अक्सर थकान की समस्या और दिनभर आलस रह सकता है।
ब्लू लाइट का अधिक संपर्क
स्क्रीन (मोबाइल/लैपटॉप) से निकलने वाली नीली रोशनी मेलाटोनिन हार्मोन के कार्यों को बाधित करती है, जिससे नींद की प्राकृतिक लय बिगड़ जाती है। जो लोग रात में अधिक मोबाइल का इस्तेमाल करते रहते हैं उनमें इस तरह की समस्या का असर अधिक देखा जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हर रात बस 8 घंटे सोना काफी नहीं, आपकी नींद की गुणवत्ता कैसी है ये ज्यादा महत्वपूर्ण है।
कुछ उपाय जैसे सोने से 1 घंटे पहले स्क्रीन बंद करना, हर दिन एक ही समय पर सोना और जगना, कैफीन वाली चीजों का सेवन कम से कम करना और शारीरिक रूप से सक्रिय रहना न सिर्फ आपके नींद की क्वालिटी में सुधार करता है बल्कि इससे आप दिनभर ऊर्जावान भी बने रहते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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