साल 2024 की शुरुआत वैश्विक स्तर पर कोरोना के बढ़ते खतरे के साथ हुई है। दुनियाभर में इन दिनों एक नए वैरिएंट JN.1 के कारण संक्रमण के मामले बढ़ते हुए रिपोर्ट किए जा रहे है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि डेढ़ महीने के भीतर ही ये वैरिएंट करीब 41 देशों में फैल चुका है।
Covid-19 Explainer: 40 से अधिक देशों में JN.1 का प्रसार, भविष्य के लिए 'खतरनाक संकेत' दे रहा है ये नया वैरिएंट
JN.1 वैरिएंट को लेकर विशेषज्ञ चिंतित
कोरोना पर अध्ययन कर रहे शोधकर्ता कहते हैं, भले ही हम कोविड-19 के साथ अभ्यस्त हो गए हैं, वैक्सीनेशन और हर्ड इम्युनिटी के चलते नए वैरिएंट्स से संक्रमण और गंभीर रोगों का जोखिम अब काफी कम हो गया है पर JN.1 की प्रकृति एक बार फिर से डरा रही है। जिस तेजी से ये दुनियाभर में बढ़ रहा है, इसको देखते हुए भविष्य के लिए खतरनाक संकेत को समझना जरूरी है।
अगर इसका प्रसार इसी गति से होता रहा तो इसके दो गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
पहला- कोरोना महामारी से अभी हमें और लंबी लड़ाई जारी रखनी पड़ेगी।
दूसरा- JN.1 का प्रसार संभावित रूप से खतरनाक नए कोविड वैरिएंट्स के लिए अनुकूल माहौल बना सकता है।
ओमिक्रॉन और इसमें जारी है म्यूटेशन
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, 2021 के अंत में कोरोना की घातक डेल्टा लहर के तुरंत बाद एक नया वैरिएंट सामने आया, जो इतना अधिक उत्परिवर्तित, इतना अलग था कि इसने कोरोना महामारी की ट्रेजेक्टरी (प्रक्षेप पथ) को बदल दिया। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इसे ओमिक्रॉन नाम दिया गया, इसमें 30 से अधिक उत्परिवर्तन थे जो इसे मूल वायरस से काफी अलग करते थे। पिछले दो साल से अधिक समय से ये वैरिएंट लगातार म्यूटेट हो रहा है और अब JN.1 के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है अधिकांश नए वैरिएंट केवल एक या दो छोटे म्यूटेशनों के चलते एक-दूसरे से भिन्न होते हैं। लेकिन 30 से अधिक अतिरिक्त उत्परिवर्तन के साथ पिरोला (ओमिक्रॉन BA.2.86 जिसके म्यूटेशन से JN.1 बना है) आनुवंशिक रूप से ओमिक्रॉन से उतना ही भिन्न है, जितना कि ओमिक्रॉन मूल कोरोनावायरस से था।
अलर्ट रहें, JN.1 है गंभीर वैरिएंट
संक्षेप में समझें तो जेएन.1 हर दृष्टि से, एक गेम चेंजर हो सकता है। मीडिया रिपोर्टस में कैलिफोर्निया में स्क्रिप्स रिसर्च ट्रांसलेशनल इंस्टीट्यूट के निदेशक और कोरोना वायरस पर लगातार शोध कर रहे वैज्ञानिक डॉ. एरिक टोपोल कहते हैं, हमें जनता को सचेत करने की जरूरत है कि ये एक गंभीर वैरिएंट है जो दुनियाभर में कोरोना लहर को बढ़ावा दे सकता है, भले ही इसके कारण अस्पतालों में भीड़ पहले की तुलना में ज्यादा न हो।
आ सकते हैं और नए वैरिएंट्स
मिनेसोटा विश्वविद्यालय में संक्रामक रोग अनुसंधान और नीति केंद्र (सीआईडीआरएपी) के निदेशक डॉ. माइकल ओस्टरहोम कहते हैं, जिस प्रकार से JN.1 के कारण संक्रमण की रफ्तार बढ़ रही है, ये नए वैरिएंट्स के गंभीर विकास का प्रतिनिधित्व करता है, और संकेत देता है कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है।
इजराइली वेरिएंट ट्रैकर्स ने अगस्त 2023 में JN.1 का पता लगाया था। BA.2.86 वैरिएंट भले ही बहुत खतरनाक साबित नहीं हुआ पर ये भूलना नहीं चाहिए कि ये मूल ओमिक्रॉन जैसा भी नहीं है। विशेषज्ञों का तर्क है कि JN.1 संभवतः महामारी के विकास में एक नए अध्याय का प्रतिनिधित्व करता है।
जो वैरिएंट बहुत अधिक संक्रामकता वाला होता है वो सिर्फ संक्रमण नहीं बढ़ाता, साथ ही नए म्यूटेशनों के साथ अधिक संक्रामक और घातक वैरिएंट को जन्म भी दे सकता है। महामारी की शुरुआत में अल्फा-गामा वैरिएंट्स की सबसे पहली लहर हल्के लक्षणों वाली थी, पर प्रसार काफी अधिक था, जिसके कारण डेल्टा वैरिएंट सामने आया और दुनियाभर में मौत के मामले तेजी से बढ़े थे। JN.1 वैरिएंट की तेजी से बढ़ने वाली प्रकृति भी इसी तरह से डरा रही है।
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स्रोत और संदर्भ
JN.1 is the probable future of the COVID pandemic, experts warn
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