कोरोनावायरस का नया वैरिएंट दुनियाभर में स्वास्थ्य जोखिमों को बढ़ाता हुआ देखा जा रहा है। अध्ययनों में पाया गया है कि नया वैरिएंट JN.1 अधिक संक्रामकता वाला है, लिहाजा कई देशों में पिछले दिनों मरीजों की संख्या में तेज उछाल दर्ज किया गया है। हालिया मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सिंगापुर में कोरोना पीक पर पहुंच गया है, इसके अलावा अमेरिका में विशेषज्ञों ने संक्रमण की एक और संभावित लहर को लेकर लोगों को सावधान किया है। कई अन्य देशों में भी दैनिक संक्रमण के मामले पिछले एक साल के रिकॉर्ड को तोड़ रहे हैं।
Covid News: सिंगापुर में पीक पर पहुंचा कोरोना, अमेरिका में एक और लहर की आशंका, जानिए भारत में कैसे हैं हालात
भारत में कैसे हैं हालात?
भारत में कोरोना की स्थिति की बात करें तो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 774 नए मामलों की पुष्टि की गई है, देश में कोरोना के एक्टिव केस अब 4,187 हो गए हैं। मंत्रालय द्वारा सुबह 8 बजे अपडेट किए गए आंकड़ों के अनुसार, 24 घंटे की अवधि में दो मौतें (तमिलनाडु और गुजरात से एक-एक) भी हुई हैं।
गौरतलब है कि 5 दिसंबर तक दैनिक मामलों की संख्या दोहरे अंकों में थी, लेकिन ठंड के मौसम की स्थिति और नए कोरोना सब-वैरिएंट जेएन.1 के कारण यह फिर से बढ़ना शुरू हो गया। कर्नाटक और केरल दो राज्यों में संक्रमण के सबसे अधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
सिंगापुर में पीक पर पहुंच गया कोरोना
सिंगापुर में डॉक्टरों का मानना है कि देश में कोरोना की लहर चरम पर है। कई क्लीनिकों में अभी भी सामान्य से अधिक मरीज हैं और डॉक्टर आने वाले महीनों में संभावित उछाल पर नजर रख रहे हैं। स्थानीय मीडिया की शुक्रवार की रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टरों ने बताया कि दिसंबर की तुलना में देश में कोरोना के मामलों में वैसे तो लगभग 20 प्रतिशत की कमी आई है हालांकि जनवरी-फरवरी में संभावित कोरोना के खतरे को लेकर लोगों को अलर्ट किया गया है।
देश के अस्पतालों को पहले से ही आने वाले महीनों में एक और उछाल आशंका को देखते हुए अलर्ट किया गया है। हेल्थवे मेडिकल के 57 क्लीनिकों में रोजाना औसतन 50 से 60 मरीज श्वसन संक्रमण के साथ आ रहे हैं, रिपोर्ट में कहा गया है, इनमें से अधिकांश मामले कोविड-19 और इन्फ्लूएंजा के हैं।
अमेरिका के कई स्टेट्स में बढ़े केस
सिंगापुर के साथ अमेरिका में भी कोरोना के इस नए वैरिएंट के कारण कई अस्पतालों में पिछले दिनों संक्रमितों की संख्या में तेजी से उछाल दर्ज की गई है। संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों में फेसमास्क पहनने को अनिवार्य कर दिया गया है। कैलिफोर्निया, इलिनोइस, मैसाचुसेट्स और वाशिंगटन सहित कई स्टेट्स ने इनडोर मास्किंग की आवश्यकता वाले दिशानिर्देश भी जारी किए हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोरोना के बढ़ते जोखिमों को देखते हुए कहा जा सकता है कि JN.1 एक और लहर का कारण बन रहा है, हमें संक्रमण के प्रसार को रोकने को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
भारत में भी बढ़ रहा है खतरा
वहीं भारत में कोरोना के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले तीन-चार दिनों से लगातार दैनिक मामलों की संख्या 700 से ऊपर बनी हुई है। देश के करीब 12 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोना के नए वैरिएंट की पुष्टि की जा चुकी है, कर्नाटक में सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। राज्य में संक्रमण के बढ़ते जोखिमों को देखते हुए कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने शुक्रवार को स्वास्थ्य अधिकारियों को टेस्टिंग में तेजी लाने और उन सभी लोगों के सैंपल लेने का निर्देश दिए हैं जिनमें फ्लू जैसे लक्षण हो रहे हैं।
अन्य राज्य जहां जेएन.1 के मामले बढ़े हैं उनमें केरल, गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु प्रमुख हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों से कोरोना से बचाव को लेकर अपील कर रहे हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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